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गोरक्षा के मूल उद्देश्य से भटकी भाजपा : स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद

Tue, 14 Apr 2026 07:09 PM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
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संवाद न्यूज एजेंसी
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सोनीपत। स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी गोरक्षा के अपने मूल उद्देश्य से भटक गई है। भाजपा की वर्तमान नीतियों में उस प्रतिबद्धता की झलक नहीं मिलती जिसकी अपेक्षा की जाती थी। वह मंगलवार को कबीरपुर स्थित गोशाला में रखे गए कार्यक्रम में पहुंचे हुए थे।
उन्होंने कहा कि गोशालाओं पर खर्च करना पर्याप्त नहीं है बल्कि सबसे पहले गाय को माता का दर्जा दिया जाना चाहिए। साथ ही गोरक्षा से जुड़े मामलों में दर्ज मुकदमों को वापस लेने की मांग भी उठाई। उनका कहना था कि जब तक औपनिवेशिक दौर के कानून खत्म नहीं होंगे तब तक वास्तविक स्वराज की स्थापना संभव नहीं है।
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शंकराचार्य ने जनता से आह्वान किया कि मतदान करते समय यह अवश्य विचार करें कि उनका वोट कहीं गोहत्या के समर्थन में तो नहीं जा रहा। उन्होंने प्रधानमंत्री के विकसित भारत के विजन पर भी टिप्पणी करते हुए कहा कि यदि विकास का मतलब पश्चिमी देशों की नकल करना है तो यह भारतीय समाज के लिए स्वीकार्य नहीं हो सकता। उनके अनुसार देश की प्रगति भारतीय संस्कृति और परंपराओं को संरक्षित रखते हुए ही संभव है।

माघ मेले के शाही स्नान से जुड़े विवाद का उल्लेख करते हुए उन्होंने उत्तर प्रदेश सरकार पर भी निशाना साधा। उनका आरोप था कि जब सरकारों के पास जवाब नहीं होते हैं तो वह सवाल उठाने वालों को ही दबाने की कोशिश करती हैं। गोमाता के मुद्दे पर भी उन्होंने सरकारों पर स्पष्ट रुख न अपनाने का आरोप लगाया।

अयोध्या में रामलला की प्रतिमा के सामने स्थापित ज्योति स्वरूप को लेकर भी उन्होंने आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि हिंदू परंपरा में घी या तेल के दीपक को ही पवित्र माना जाता है जबकि कृत्रिम प्रकाश से जलता प्रतीत होने वाला दीपक परंपराओं के विपरीत है।
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शंकराचार्य ने भारतीय संस्कृति में प्रचलित पहली रोटी गाय के लिए जैसी परंपराओं को संरक्षण का प्रतीक बताते हुए कहा कि इनका कमजोर होना चिंताजनक है। उन्होंने चेताया कि यदि सांस्कृतिक मूल्यों का क्षरण होता है तो विकास के दावे भी अधूरे रह जाएंगे।
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