सोनीपत। सांसद सतपाल ब्रह्मचारी ने कहा कि मनरेगा ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ है लेकिन सरकार इसे खत्म करने की दिशा में कदम बढ़ा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि योजना का स्वरूप बदलकर बेरोजगारों और मजदूरों के साथ षड्यंत्र किया जा रहा है। वह मनरेगा योजना को लेकर रविवार को किए जा रहे प्रदर्शन का नेतृत्व करते हुए अपनी बात रख रहे थे।
कांग्रेस भवन से सुभाष चौक तक निकाले गए पैदल मार्च में बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं ने भाग लिया और केंद्र व प्रदेश सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए मनरेगा को कमजोर करने के आरोप लगाए। प्रदर्शन का नेतृत्व सांसद सतपाल ब्रह्मचारी व कार्यक्रम का संचालन शहरी जिला अध्यक्ष कमल दिवान के नेतृत्व में हुआ।
सांसद ने कहा कि अगर सरकार कोई नई रोजगारपरक योजना लाती तो कांग्रेस उसका स्वागत करती, लेकिन मनरेगा जैसे जनहितकारी कार्यक्रम को कमजोर करना गरीब विरोधी कदम है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार महात्मा गांधी, जवाहरलाल नेहरू, इंदिरा गांधी और राजीव गांधी के नाम से जुड़े शिलापट बदलकर इतिहास से छेड़छाड़ कर रही है।
खेल नीति और कॉमनवेल्थ आयोजन पर उठाया सवाल
सांसद ने गुजरात में कॉमनवेल्थ गेम्स के आयोजन के प्रस्ताव पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि हरियाणा के खिलाड़ी देश के लिए सबसे ज्यादा पदक जीतते हैं, इसके बावजूद बड़े खेल आयोजनों से प्रदेश को दूर रखा जा रहा है। राज्य में खेल मैदानों की हालत खराब है और पूर्व कांग्रेस सरकार की प्रभावी खेल नीति को भी बदल दिया गया। उन्होंने कहा कि जनवरी से सोनीपत लोकसभा क्षेत्र के खेल मैदानों और परिसरों का दौरा किया जाएगा तथा खेल सुविधाओं के सुधार के लिए सांसद निधि से राशि खर्च की जाएगी।
मजदूरों के हक तक जारी रहेगा संघर्ष : कमल दिवान
शहरी जिलाध्यक्ष कमल दिवान ने कहा कि भाजपा सरकार की नीतियां मजदूर विरोधी हैं। मनरेगा मजदूरों को न तो समय पर काम मिल रहा है और न ही मजदूरी का भुगतान हो रहा है। उन्होंने दो टूक कहा कि मजदूरों का शोषण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और जब तक उन्हें उनका पूरा हक नहीं मिल जाता कांग्रेस सड़क से लेकर संसद तक संघर्ष करती रहेगी।
यह रहे मौजूद
पूर्व विधायक सुरेंद्र पंवार, प्रेम नारायण गुप्ता, रणदीप दहिया, अनुज छाबड़ा, डॉ. सतबीर निर्माण, सरदार इंद्रपाल, सोनू वर्मा, अशोक खत्री, अनुज जैन, इसाक मदर, महेश कुमार, मंगल सेन, सिकंदर दहिया, मोनिका मलिक, नरेश अरोड़ा, देवेंद्र बूरा और रेखा सोलंकी आदि।