सोनीपत। मुरथल स्थित दीनबंधु छोटू राम विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (डीसीआरयूएसटी) के कुलपति प्रोफेसर श्रीप्रकाश सिंह ने बताया कि विश्वविद्यालय ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति की ओर कदम बढ़ाया है। बीसीए व बीबीए (ऑनर्स/ऑनर्स के साथ रिसर्च) पाठ्यक्रम को राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत अंतिम रूप दिया गया।
कुलपति प्रोफेसर श्रीप्रकाश सिंह ने बताया कि विश्वविद्यालय की ओर से गठित विशेषज्ञ समिति ने बैठक में विचार-विमर्श के बाद छात्रों के हितों को ध्यान में रखते हुए अंतिम रूप दिया। प्रस्तावित पाठ्यक्रम के तहत अब विद्यार्थियों को बीसीए व बीबीए में विशिष्ट विषय लेने का प्रावधान रहेगा।
इसके अतिरिक्त विद्यार्थियों को इन पाठ्यक्रमों के तहत अंतः विषय, बहु विषयों के साथ दूसरे विभाग के लघु कोर्स करने का भी मौका मिलेगा। अंतिम सत्र में विद्यार्थी अन्य विषयों से संबंधित ऑनर्स के साथ-साथ शोध कार्य भी कर सकेंगे। बहुतायत विकल्पों के कारण विद्यार्थियों को रोजगार के अनेक क्षेत्रों में अवसर मिलेंगे।
विशेषज्ञ समिति की बैठक में एनएसयूटी, दिल्ली की प्रोफेसर सुजाता सेंगर, जीजीएस विश्वविद्यालय के प्रोफेसर अमित प्रकाश सिंह, एनआईटी, कुरुक्षेत्र के प्रोफेसर जितेंद्र छाबड़ा, प्रोफेसर संजय ढींगरा, गेटवे एजुकेशन इंस्टीट्यूट, सोनीपत के डायरेक्टर ए. गर्ग, विश्वविद्यालय के डीन अकादमिक प्रोफेसर एसएन मिश्रा, डीन ऑफ कॉलेज प्रोफेसर एसएन महापात्रा, एनईपी के समन्वयक प्रोफेसर एके सिंह, डीन प्रोफेसर सुखदीप सिंह, अकादमी के समन्वयक डॉ. सुमित, डॉ. सुनीता मलिक, समन्वयक डॉ. राजेंद्र मलिक ने मंत्रणा कर पाठ्यक्रम को अंतिम रूप दिया।
कुलपति ने बताया कि विश्वविद्यालय हर हालत में इस वर्ष से राष्ट्रीय शिक्षा नीति पूर्ण रूप से लागू करेगा।