सोनीपत। राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में बढ़ते वायु प्रदूषण से निपटने के लिए वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (सीएक्यूएम) ने ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (ग्रैप) के संशोधित प्रावधान लागू किए हैं। इसके तहत सोनीपत को भी उन एनसीआर क्षेत्रों में शामिल किया गया है, जहां वायु गुणवत्ता खराब होने पर पुराने उत्सर्जन मानकों वाले वाहनों पर प्रतिबंध लगाया जा सकता है।
ग्रैप का संबंधित चरण लागू होने पर बीएस-3 पेट्रोल और बीएस-4 डीजल वाले हल्के मोटर वाहनों की आवाजाही प्रभावित हो सकती है। संशोधित व्यवस्था के तहत ग्रैप के स्टेज-1 में बीएस-3 पेट्रोल और बीएस-4 डीजल या इससे नीचे के मानक वाले हल्के मोटर वाहनों पर प्रतिबंध का प्रावधान है।
पहले इसका दायरा एनसीआर के कुछ अधिक वाहन घनत्व वाले जिलों तक सीमित था, लेकिन अब सोनीपत भी इसमें शामिल है। प्रदूषण की स्थिति गंभीर होने पर मालवाहक वाहनों की आवाजाही पर भी असर पड़ सकता है। सीएक्यूएम के प्रावधानों के अनुसार, दिल्ली में बाहर से आने वाले पुराने मानकों वाले डीजल चालित वाणिज्यिक मालवाहक वाहनों के प्रवेश पर चरणबद्ध प्रतिबंध लागू हैं।
बीएस-3 और इससे नीचे के डीजल चालित एलजीवी, एमजीवी और एचजीवी वाहनों के दिल्ली प्रवेश पर 1 नवंबर 2025 से प्रतिबंध का प्रावधान किया गया था।
इन प्रावधानों का असर सोनीपत से दिल्ली आने-जाने वाले पुराने वाहनों, खासकर माल ढुलाई से जुड़े वाहनों पर पड़ सकता है। हालांकि, प्रतिबंध स्थायी नहीं होंगे और संबंधित ग्रैप स्टेज लागू होने पर ही प्रभावी होंगे।