सोनीपत। ईद-उल-अजहा (बकरीद) का पर्व आज को जिलेभर में धार्मिक उल्लास, भाईचारे और अकीदत के साथ मनाया जाएगा। पर्व को लेकर मस्जिदों, ईदगाहों और बाजारों में दिनभर रौनक बनी रही। बाजारों में खरीदारी को लेकर लोगों में खासा उत्साह देखा गया।
इस बार बकरीद पर कुर्बानी के लिए विशेष रूप से उत्तर प्रदेश से बकरे मंगवाए गए हैं। जिलेभर में करीब 450 से अधिक लोगों ने बकरों की खरीदारी की, जबकि मांग बढ़ने पर सोनीपत से लगभग 65 बकरे दिल्ली भी भेजे गए। बकरों की कीमत उनकी नस्ल, ऊंचाई और गुणवत्ता के आधार पर 12 हजार से 35 हजार रुपये तक रही।
त्योहार की तैयारियों के बीच बाजारों में मेवे, सेवइयां और रंग-बिरंगी फैनी की दुकानों पर दिनभर खरीदारों की भीड़ उमड़ी रही। खासतौर पर मामा-भांजा मस्जिद के बाहर सजी दुकानों ने लोगों का ध्यान आकर्षित किया। दुकानदार उस्मान ने बताया कि इस बार ग्राहकों के लिए चार प्रकार की सेवइयां और तीन तरह के छुहारे मंगवाए गए हैं। पाकिस्तान और अफगानिस्तान के छुहारे, गोवा का बड़ा काजू और बनारसी किमामी सेवइयां लोगों की पहली पसंद बनी हुई हैं।
बाजारों में रंग-बिरंगी फैनी की भी अच्छी बिक्री हो रही है। सुबह से देर शाम तक लोग परिवार सहित खरीदारी में जुटे रहे। कच्चे क्वार्टर मार्केट और कपड़ा बाजार में महिलाओं और बच्चों की भीड़ देखने को मिली।
बकरों के दामों में तेजी
ईदगाह कॉलोनी निवासी महबूब ने बताया कि बकरीद के मौके पर बकरों की कीमतों में बढ़ोतरी सामान्य बात है। करीब 15 दिन पहले जो बकरे 10 से 12 हजार रुपये में मिल रहे थे, उनकी कीमत अब दोगुनी तक पहुंच गई है। कुर्बानी के लिए एक से दो साल तक के दांत वाले बकरे उपयुक्त माने जाते हैं। महबूब ने बताया कि इस बार अधिकतर बकरे उत्तर प्रदेश से लाए गए हैं।
मस्जिदों में तैयारियां पूरी
जिले की मस्जिदों और ईदगाहों में साफ-सफाई, पेयजल और अन्य व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दे दिया गया है। बकरीद के मौके पर नमाजी देश में अमन-चैन, भाईचारे और खुशहाली की दुआ करेंगे। पूरे जिले में त्योहार को लेकर उत्साह और उल्लास का माहौल बना हुआ है।
फोटो : सोनीपत की मामा भांजा मस्जिद के बाहर सजी सेवइयां व फैनी की दुकान। संवाद- फोटो : Samvad