सोनीपत। बकरीद को लेकर तैयारियां शुरू हो चुकी हैं। जिलेभर की मस्जिदों में 17 जून को पर्व उल्लास के साथ मनाया जाएगा। तैयारियों को लेकर महिलाएं रविवार को बाजार में खरीदारी करती नजर आईं। इस बार पाकिस्तान व अफगान के छुहारे के साथ बनारसी किमामी सेवइयां खास बनी हुई हैं। मस्जिदों के बाहर व बाजार में मेवे, सेवइयां व रंग-बिरंगी फैनी की दुकानें सजी नजर आईं।
मामा भांजा मस्जिद के बाहर दुकानदार उस्मान ने बताया कि इस बार ग्राहकों के लिए चार प्रकार की सेवइयां व तीन तरह का छुहारा मंगवाया गया है। पाकिस्तान के साथ अफगान का छुहारा व बनारसी सेवइयां खास हैं। इनकी मांग बढ़ रही है। सेवइयां 80 से 200 रुपये तक और छुहारा 200 से 300 रुपये किलो तक उपलब्ध है।
दुकानों पर दिल्ली से पहुंचे सूखे मेवे, सेवइयां, छुआरा, फिरनी व रंग-बिरंगी फैनी की ज्यादा डिमांड है। रंग-बिरंगी फैनी 160 रुपये व किमामी सेवइयां 200 रुपये किलो है। चिरौंजी 1800 रुपये, किशमिश 300 रुपये व मगज 1000 व गोला 160 रुपये किलो उपलब्ध है। बकरीद को लेकर कच्चे क्वार्टर मार्केट व कपड़ा बाजार में खास खरीदारी नहीं हुई। रसोई स्थित मदीना मस्जिद के इमाम कारी नसीम कासमी ने बताया कि ईद उल जुआ पर्व पर कुर्बानी व दान करने का खास महत्व है। नमाज अदा कर खुदा के हुकुम की पालना की जाती है।