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ट्रायल में छूट का विवाद: बजरंग-विनेश आए सामने, बोले- आप सही हो सकते हो, गलत हम भी नहीं, पढ़िए और क्या कहा

Mon, 24 Jul 2023 11:51 PM IST
भूपेंद्र सिंह संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत (हरियाणा)

सार

बजरंग पूनिया और विनेश फोगाट सोशल मीडिया लाइव आए और कहा कि नियमों को ताक पर रख चयन करवाने वाले कुश्ती की पवित्रता की बात कर रहे हैं। योगेश्वर दत्त का नाम लिए बिना उन पर जमकर बरसे। उन्होंने कुश्ती जगत को एक साथ बैठने की सलाह दी।
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बजरंग पूनिया और विनेश फोगाट - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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ट्रायल में छूट देने पर उठ रहे सवालों के बीच पहलवान बजरंग पूनिया और विनेश फोगाट ने सोशल मीडिया पर आकर अपना जवाब दिया। उन्होंने कहा कि आप सही हो सकते हो, लेकिन गलत हम भी नहीं हैं। विदेश में अभ्यास कर रहे दोनों पहलवान एक बार फिर ओलंपिक पदक विजेता एवं भाजपा नेता योगेश्वर दत्त का नाम लिए बिना उन पर जमकर बरसे और सवाल भी उठाए। दोनों पहलवानों ने कुश्ती जगत को एक साथ बैठने की सलाह देते हुए अपने सवालों के जवाब देने के लिए कहा है।

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कुश्ती संघ के प्रमुख रहे बृजभूषण के खिलाफ आंदोलन करने वाले बजरंग पूनिया व विनेश फोगाट ने एक बार फिर सोशल मीडिया पर आकर अपना पक्ष रखा। ट्रायल में छूट देने के सवाल पर दोनों ने साफ किया कि उन्होंने ट्रायल में कभी भी छूट नहीं मांगी। कुश्ती छोड़कर नए पहलवानों को मौका दिए जाने की सलाह पर बजरंग पूनिया ने कहा कि उन्होंने देश के लिए पदक जीते हैं और अभी उनमें पदक जीतने की क्षमता और कुश्ती की भूख बाकी है।

बजरंग पूनिया और विनेश ने बिना नाम लिए योगेश्वर दत्त और उन सभी खिलाड़ियों व विरोधियों पर भड़ास निकाली जो आंदोलनकारी खिलाड़ियों पर सवाल उठा रहे हैं। बजरंग ने कहा कि अब आंदोलन खत्म होने के बाद कुछ लोग बृजभूषण के इशारे पर कुएं के मेंढक की तरह बिलों से बाहर आ गए हैं। वही लोग इस प्रकार के सवाल उठा रहे हैं और सलाह भी दे रहे हैं।
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उन्होंने कहा कि वह लोग कुश्ती की पवित्रता की बात कह रहे हैं, जिन्होंने नियमों को ताक पर रखते हुए अपना चयन करवाया था। वह बिना ट्रायल के वर्ष 2014 में एशियन गेम्स में गए थे। अब ट्रायल का मामला आया तो कुछ पहलवानों व प्रशिक्षकों का जमीर जाग गया, लेकिन सड़क पर पहलवान बेटियों के कपड़े फट रहे थे, तब वह कहां थे। कुछ लोग बृजभूषण के फेंके टुकड़ों के हिसाब से भोंक रहे हैं।

विनेश ने कहा कि उन्हें यह देखकर अच्छा लगा कि अंतिम जैसे नए खिलाड़ी अपने हक के लिए लड़ रही हैं, लेकिन उन्हें सोचना चाहिए कि वह भी हक के लिए सड़कों पर आए थे। सीनियर खिलाड़ी बनने का सफर उन्होंने यूं ही तय नहीं किया। अपने हक के लिए जब वह खून के आंसू रो रहे थे, तब सोशल मीडिया पर आज ज्ञान बांटने वाला कोई नहीं आया था।

विनेश ने कहा कि अंतिम पंघाल अपनी जगह ठीक हैं, लेकिन वह यह समझे कि गलत हम भी नहीं हैं। कुछ लोग युवाओं को हतोत्साहित करना चाहते हैं। ऐसे बरगलाने वालों से सावधान रहना पड़ेगा। साथ ही कहा कि बृजभूषण के खिलाफ लड़ाई के दौरान कई लोगों ने साथ नहीं दिया। वह फिर भी लड़ाई लड़ते रहे और अब मामला कोर्ट में जा चुका है। जहां से न्याय मिलेगा।

उन्होंने कहा कि बृजभूषण उन्हें गोली भी मरवा सकता है। उसके बाद भी वह लड़ाई लड़ते रहे। बिना नाम लिए योगेश्वर पर तंज कसते हुए उन्होंने कहा कि चुनाव में वोट नहीं मांगने के कारण वह उनसे बदला ले रहे हैं। इस पर बजरंग ने बोला कि वह तो वोट मांगने भी गए थे। साथ ही बजरंग ने कहा कि वह विदेश में अभ्यास कर रहे हैं।
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यहां भी उनके पास ट्रायल को लेकर कोर्ट के नोटिस आ गए। साथ ही कहा कि योगेश्वर का नाम लिए बिना कहा कि वरिष्ठ पहलवान भरी पंचायत में कह दें कि बृजभूषण भगवान है। हम केस भी वापस ले लेंगे। जब वह कमेटी में थे तब भी महिला पहलवानों पर दबाव बनाया था। बृजभूषण से फोन कर पूछा था कि इनसे क्या सवाल पूछने हैं।

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