सोनीपत। हत्या की कोशिश के मुकदमे में आरोपी गांव बेगा निवासी सुशील उर्फ देवा की जमानत याचिका पर अपर सत्र न्यायाधीश सुभाष चंद्र सरोए की कोर्ट में सुनवाई हुई। बचाव एवं अभियोजन पक्ष की दलील सुनने के बाद न्यायाधीश ने आरोपी की जमानत अर्जी खारिज कर दी। 10 फरवरी को गांव बेगा निवासी सुल्तान ने बड़ी थाना में प्राथमिकी दर्ज कराई थी कि उनका छोटा भाई दीवान (22) डीआईसीटी में इलेक्ट्रिक कार मैकेनिक है। दीवान रात साढ़े आठ बजे ड्यूटी खत्म कर लौट रहे थे तो जान से मारने की नीयत से उन हमला किया गया था। आरोपी उन्हें मरा समझ कर भाग गए थे। हत्या की कोशिश की धारा में पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर आरोपी सागर, सूरज, कपिल व सुशील उर्फ देवा को गिरफ्तार कर लिया था। बाद में सागर, सूरज व कपिल तो जमानत पर रिहा कर दिया गया लेकिन सुशील उर्फ देवा अभी न्यायिक हिरासत में जेल में है। अपने अधिवक्ता के माध्यम से आरोपी ने जमानत अर्जी डाली। बचाव पक्ष के अधिवक्ता ने दलील दी कि मामले में तीन आरोपियों को जमानत मिल चुकी है। इसी आधार पर सुशील को भी जमानत दी जानी चाहिए। शासकीय अधिवक्ता ने जानलेवा हमले में आरोपी की भूमिका का जिक्र किया और कहा कि अभी घायल के बयान होने हैं। जमानत पर रिहा होने पर आरोपी गवाहों को प्रभावित कर सकता है। दोनों पक्षों के तर्क सुनने के बाद न्यायाधीश ने आरोपी की जमानत अर्जी खारिज करने का आदेश दिया। संवाद