सोनीपत। खुद को पुलिस अधिकारी बताकर व डिजिटल अरेस्ट का भय दिखाकर 3.87 लाख रुपये की ठगी के मामले में जेल बंद तीन आरोपियों की जमानत याचिका पर कोर्ट में सुनवाई हुई। बचाव पक्ष एवं अभियोजन की दलील सुनने के बाद कोर्ट ने फैसला सुनाते हुए आरोपी की जमानत याचिका मंजूर करने का आदेश दिया। शिकायतकर्ता ने भी अपनी धनराशि वापस मिलने की शर्त पर जमानत का विरोध नहीं किया।
साइबर थाना में सोनीपत निवासी विकास ने अपने साथ 3.87 लाख रुपये की धोखाधड़ी की शिकायत दर्ज कराई थी। विकास के अनुसार उनके मोबाइल पर अनजान नंबर से कॉल आई। कॉल करने वाले ने अपना नाम सत्य यादव बताया। उसने खुद को पुलिस अधिकारी बताया और उन्हें किसी अन्य झूठे मामले में फंसाने और गिरफ्तार करवाने की धमकी दी। उनको डिजिटल अरेस्ट होने का भय दिखाया।
मामले से उनका नाम हटवाने के बदले में 3.87 लाख रुपये ठग लिए। ठगी का अहसास हुआ तो साइबर थाना में शिकायत की। जांच के बाद पुलिस ने इस मामले में 6 सितंबर को नीरज लोधी निवासी कछुआ, शिवपुरी जिला पिछोर मध्य प्रदेश, भगवत निवासी ग्राम तिंधारी शिवपुरी पिछोर मध्य प्रदेश एवं कृष्णपाल लोधी निवासी ग्राम शेरगढ़ पोस्ट पडोर शिवपुरी मध्य प्रदेश को गिरफ्तार कर लिया।
आरोपियों को कोर्ट में पेश किया गया। कोर्ट के आदेश पर तीनों को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया। तीनों की जमानत याचिका पर मंगलवार को अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश अशोक कुमार मान की कोर्ट में सुनवाई हुई। बचाव पक्ष के वकील ने दलील दी कि शिकायतकर्ता के साथ आरोपियों को 3.87 लाख रुपये की धनराशि प्राप्त करने पर समझौता हो गया है।