फोटो : सोनीपत के खरखौदा स्थित उपमंडल नागरिक अस्पताल की लैब में एक वर्ष से रखी ऑटोमेटिक एनेलाइज
खरखौदा। उपमंडल नागरिक अस्पताल (फर्स्ट रेफरल यूनिट) की लैब में करीब एक साल पहले लगाया गया ऑटोमेटिक एनालाइजर मरीजों के लिए सुविधा बनने की बजाय शोपीस बनकर रह गया है। जून 2025 में अस्पताल को मिली मशीन अब तक नियमित उपयोग में नहीं है।
मशीन संचालन के लिए जरूरी रीजेंट उपलब्ध न होना इसकी मुख्य वजह है। इसका खामियाजा क्षेत्र के मरीजों को भुगतना पड़ रहा है। यह मशीन लिवर फंक्शन टेस्ट (एलएफटी), किडनी फंक्शन टेस्ट (केएफटी), लिपिड प्रोफाइल समेत कई महत्वपूर्ण बायोकेमिकल जांचें करने में सक्षम है।
अस्पताल में इससे उम्मीद थी कि मरीजों को एक ही स्थान पर बेहतर जांच सुविधा मिलेगी और निजी लैब पर निर्भरता कम होगी। लेकिन लंबे समय से मशीन बंद होने के कारण लोगों को जांच के लिए निजी लैब का सहारा लेना पड़ रहा है। इससे इस जांच मशीन का उद्देश्य ही खत्म हो जाता है।
मरीजों और स्थानीय लोगों ने स्वास्थ्य विभाग से जल्द रीजेंट उपलब्ध कराकर मशीन को चालू करने की मांग की है ताकि लोगों को अस्पताल स्तर पर ही जांच सुविधा का लाभ मिल सके।
अस्पताल में रीजेंट उपलब्ध कराने के लिए प्रक्रिया चल रही है। जिला मुख्यालय को रीजेंट उपलब्ध कराने के लिए लिखा जा चुका है यह उपलब्ध होते ही मशीन को संचालन में लाकर मरीजों को सुविधा दी जाएगी।
- डाॅ. जितेंद्र रंगा, वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी, उपमंडल नागरिक अस्पताल