गोहाना की अनाज मंडी में अटल कैंटीन में लकड़ी के चूल्हे पर खाना पकाती महिला कर्मचारी। संवाद
गोहाना। प्रदेश सरकार की अटल कैंटीन योजना का मकसद किसानों और मजदूरों को सस्ती दर पर खाना देना है लेकिन गोहाना अनाज मंडी में इन दिनों यह व्यवस्था बिगड़ी हुई है। यहां एलपीजी गैस की कमी के चलते कैंटीन का काम प्रभावित हो रहा है।
कैंटीन का संचालन सेल्फ महिला सोसाइटी की महिलाओं को दिया गया है लेकिन गैस सिलिंडर नहीं मिलने से उन्हें मजबूरी में लकड़ी के चूल्हे पर खाना बनाना पड़ रहा है। महिलाओं का कहना है कि लकड़ी से खाना बनाने में ज्यादा समय लगता है और कई दिक्कतें आती हैं। इससे खाना तैयार होने में देरी हो रही है।
इस देरी का असर सीधा किसानों और मजदूरों पर पड़ रहा है जिन्हें समय पर खाना नहीं मिल पा रहा। वहीं कैंटीन में पीने के पानी के लिए लगा वाटर कूलर भी खराब पड़ा है। बैठने के लिए रखी कई कुर्सियां भी टूटी हुई हैं।
महीने में हमारे यहां 8 से 10 सिलिंडर लग जाते हैं। अब हमें गैस के सिलिंडर नहीं मिल रहे हमें लकड़ियां ला कर चूल्हे पर खाना बनाना पड़ रहा है। हमने कई जगह शिकायत भी की है लेकिन कोई समाधान नहीं हुआ। जब लकड़ियों का इंतजाम नहीं हो पाता तो एक-दो बार कैंटीन बंद भी रखनी पड़ी है।
- शिखा, कैंटीन में खाना बनाने वाली महिला
गोहाना की अनाज मंडी में अटल कैंटीन में लकड़ी के चूल्हे पर खाना पकाती महिला कर्मचारी। संवाद