संवाद न्यूज एजेंसी
सोनीपत। कंक्रीट के बढ़ते जंगलों और घटती हरियाली के बीच आशा रानी का घर-आंगन प्रकृति प्रेम और पर्यावरण संरक्षण की मिसाल बनकर उभरा है। उन्होंने अपने घर के बगीचे को औषधीय, छायादार और सजावटी पौधों से इस तरह संवार रखा है कि यह किसी छोटे से हरित उपवन का अहसास कराता है। पौधों के प्रति उनका लगाव न केवल घर की सुंदरता बढ़ा रहा है बल्कि पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी दे रहा है।
सोनीपत के कोट मोहल्ला की रहने वाली आशा रानी को विशेष रूप से औषधीय पौधे लगाने का शौक है। उनके बगीचे में हरसिंगार, अपराजिता, तुलसी, पथरचट्टा, चिचिड़ा और लेमनग्रास जैसे अनेक उपयोगी पौधे लगे हैं। यह पौधे जहां वातावरण को शुद्ध बनाने में सहायक हैं वहीं कई स्वास्थ्य लाभों के लिए भी उपयोग किए जाते हैं।
उनका कहना है कि प्रकृति के करीब रहने से मन को सुकून मिलता है और जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। औषधीय पौधों के अलावा आशा रानी ने अपने घर के भीतर भी हरियाली को विशेष स्थान दिया है। ड्राइंग रूम में लगाए गए स्नेक प्लांट, मनी प्लांट, पीस लिली, जीजी प्लांट और स्पाइडर प्लांट घर की शोभा बढ़ाने के साथ-साथ वायु गुणवत्ता को बेहतर बनाने में भी मदद कर रहे हैं। उनका मानना है कि हर व्यक्ति को अपने घर में कम से कम कुछ पौधे अवश्य लगाने चाहिए, ताकि पर्यावरण संतुलन मजबूत हो और आने वाली पीढिय़ों को स्वच्छ एवं स्वस्थ वातावरण मिल सके।
वर्जन
पौधे केवल सजावट का माध्यम नहीं हैं बल्कि स्वस्थ जीवन और स्वच्छ पर्यावरण की आधारशिला हैं। हर व्यक्ति को अपने घर में हरियाली बढ़ाने का प्रयास करना चाहिए।-आशा रानी