गोहाना। गांव खानपुर कलां स्थित भगत फूल सिंह (बीपीएस) महिला मेडिकल कॉलेज के अस्पताल में कृत्रिम दांतों की लैब का काम रेट लिस्ट उपलब्ध नहीं होने से लटका हुआ है। कॉलेज की तरफ से जरूरी उपकरण भी खरीदे जा चुके हैं। अधिकारियों के अनुसार मुख्यालय से रेट लिस्ट निर्धारित होने के बाद ही कृत्रिम दांतों की लैब को शुरू किया जाएगा।
भगत फूल सिंह महिला मेडिकल कॉलेज में मरीजों की दंत रोग के साथ कृत्रिम दांतों की लैब को शुरू करने की प्रक्रिया शुरू की थी। इसके लिए मेडिकल कॉलेज में उपकरण भी खरीदे जा चुके हैं। मेडिकल कॉलेज की तरफ से दंत लैब की रेट लिस्ट निर्धारित करने को लेकर मुख्यालय में कई बार पत्र लिखा गया था, लेकिन अब तक रेट लिस्ट निर्धारित नहीं हुई है।
ऐसे में करीब डेढ़ साल से दंत लैब योजना लटकी हुई है। ऐसे में मरीजों को निजी अस्पतालों पर निर्भर रहना पड़ रहा हैं, जहां पर महंगे दामों पर कृत्रिम दांत लगाए जाते हैं। कृत्रिम दांत व अन्य उपकरण लगवाने के लिए रोहतक स्थित पीजीआई व दूसरे संस्थानों तक जाना पड़ता है। विशेषज्ञों का कहना है कि मरीजों को बाजार में नए दांत लगवाने के 8 से 10 हजार रुपये खर्च करने पड़ रहे हैं। दांतों की फिलिंग करवाने पर ढाई हजार रुपये से 3 हजार रुपये खर्च कर रहे हैं। जबकि मेडिकल कॉलेज में लैब शुरू होने के बाद बाजार रेट के कम रेट पर मरीजों को हर प्रकार की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी।
वर्जन
बीपीएस महिला मेडिकल कॉलेज में दंत लैब को शुरू करने के लिए मुख्यालय के पास रेट लिस्ट निर्धारित करने का दोबारा पात्र भेजा गया है। इस बार उम्मीद है कि जल्द ही मुख्यालय से रेट लिस्ट उपलब्ध हो जाएगी।-डाॅ. जगदीश दुरेजा, निदेशक, बीपीएस राजकीय महिला मेडिकल कॉलेज, खानपुर कलां