गोहाना। गांव कैलाना खास से खानपुर कलां के बीच ड्रेन में मिले एनआरआई राजेंद्र के शव की पहचान के बाद सदर गोहाना थाना पुलिस ने उनकी हत्या के मामले का पटाक्षेप कर दिया है। राजेंद्र की हत्या उनके घर में काम करने वाली महिला ने उधार लिए छह लाख रुपये लौटाने से बचने के लिए अपने पति, भाई-भाभी व भाभी के भाई संग मिलकर की थी। पुलिस ने मामले में महिला के पति गांव खानपुर कलां निवासी अशोक को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस अन्य आरोपियों की तलाश कर रही है।
मूलरूप से दिल्ली में पहाड़गंज की चूना मंडी में गली नंबर 5 निवासी राजेंद्र कुमार परिवार के साथ कई साल से लंदन, इंग्लैंड में रह रहे थे। राजेंद्र वहां व्यवसाय करते थे और दिल्ली में भी उनका घर है। राजेंद्र के भाई नरेंद्र भी पहाड़गंज में ही रहते हैं। गांव खानपुर कलां निवासी अशोक की पत्नी हेमा (24) करीब तीन साल से पति को छोड़कर दिल्ली में नांगलोई में रह रही थी। हेमा राजेंद्र के घर में सफाई करती थी। राजेंद्र लंदन से अकसर दिल्ली आते-जाते रहते थे। हेमा ने बहाने बना कर राजेंद्र सिंह से करीब छह लाख रुपये ऐंठ लिए थे। फरवरी में दिल्ली आए राजेंद्र लॉकडाउन के चलते वापस लंदन नहीं जा पाए। उन्होंने नौकरानी हेमा से रुपये वापस मांगे तो उन्होंने अपने भाई सोनू, पति अशोक व अन्य परिजनों के साथ मिल कर राजेंद्र की हत्या करने का षड्यंत्र रच दिया। हेमा ने 23 जून को राजेंद्र कुमार से कहा कि उनके पति गांव खानपुर कलां में रहते हैं और वहां चल कर रुपये दिलवा देगी। उसी दिन अशोक की पत्नी हेमा, साला सोनू, सोनू की पत्नी वीना व उसका भाई राहुल कार में राजेंद कुमार के साथ गांव खानपुर कलां पहुंच गए। अशोक, सोनू, राहुल व अन्य राजेंद्र को खेत में ले गए और वहां गला दबाकर हत्या कर दी। उनके मुंह व नाक पर प्लास्टिक की टेप लगा कर और हाथ रस्सी से बांध कर शव गांव कैलाना खास से खानपुर कलां के बीच ड्रेन के पुल के नीचे फेंक दिया था। पुलिस ने 24 जून को शव बरामद किया था और चौकीदार गुलाब सिंह के बयान पर अज्ञात के खिलाफ हत्या व शव को खुर्द-बर्द करने का मुकदमा दर्ज कर लिया था। वीरवार को शव की पहचान होने के बाद पुलिस ने देर रात आरोपी अशोक को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने उसे अदालत में पेश किया, जहां उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।
हेमा ने पति से कहा राजेंद्र की हत्या करने पर वह उसके साथ रह लेगी
पुलिस जांच में सामने आया है कि हेमा अपने पति अशोक को करीब तीन साल पहले छोड़ कर दिल्ली चली गई थी। वह दिल्ली में नांगलोई में रह रहे अपने भाई सोनू के पास जाकर रहने लगी। सोनू के साथ उसकी पत्नी वीना व उसका साला राहुल रहते हैं। एनआरआई द्वारा रुपये वापस मांगने पर हेमा ने अपने भाई सोनू व अन्य परिजनों के साथ मिल कर हत्या का षड्यंत्र रचा था। हेमा ने अशोक से कहा था कि अगर वह राजेंद्र कुमार की हत्या कर देगा तो वह उसके साथ गांव में रहने को तैयार है। अशोक भी इसके बाद उनकी साजिश में शामिल हो गया। वह राजेंद्र को बहाने से खेत ले गए और हत्या कर दी थी। इसके बाद हेमा दो दिन बाद वापस लौटने की बात कह कर वापस नांगलोई चली गई।
जीवित न रहे इसके लिए लगाई टेप
राजेंद्र को खेत में ले जाने के बाद अशोक ने पीछे से कपड़े से गला दबा दिया था। उसके बाद शरीर में कुछ हलचल हुई। आरोपियों को लगा वह जिंदा बच सकता है, इसलिए उसके मुंह व नाक पर प्लास्टिक की टेप लगा दी गई। हाथ भी रस्सी से बांध दिए गए थे, जिसके बाद शव को ड्रेन में फेंक दिया था। उसके अगले ही दिन शव मिल गया था।
मोबाइल की कॉल डिटेल से खुला राज
पहाड़गंज निवासी नरेंद्र ने अपने एनआरआई भाई की गुमशुदुगी को लेकर दिल्ली के थाने में शिकायत दे रखी है। नरेंद्र ने आशंका जाहिर की थी, नौकरानी हेमा ने परिजनों के साथ मिल कर उनके भाई का अपहरण किया था। इसके बाद पुलिस ने कॉल डिटेल खंगालनी शुरू की। उधर नरेंद्र के परिजन भी किसी तरह से गोहाना तक पहुंच गए। शव की शनाख्त परिजनों ने फोटो, कपड़ों से की। इसी तरह से पूरे मामले का भेद खुल गया।
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एनआरआई की हत्या के मामले में एक आरोपी को काबू कर लिया है। गिरफ्तार आरोपी अशोक कुमार ने अपनी पत्नी, साले सहित पांच व्यक्तियों के साथ मिलकर वारदात को अंजाम दिया था। मामले की गहनता से जांच की जा रही है। आरोपी को अदालत के निर्देश पर जेल भेज दिया गया। अन्य आरोपियों को जल्द गिरफ्तार किया जाएगा।
-समुंद्र सिंह, जांच अधिकारी थाना सदर गोहाना।