सोनीपत। जिले में प्रदूषण का स्तर लगातार बढ़ता जा रहा है जो अभी तक खराब स्तर तक पहुंचा हुआ था, लेकिन दिवाली में पटाखे चलने से प्रदूषण खतरनाक स्तर तक पहुंच गया है। जिससे लोगों को सांस लेने में परेशानी होती रही और आंखों में जलन की समस्या भी लोग काफी झेल रहे हैं। दिवाली वाले दिन औसत एक्यूआई 300 के पार रहा तो इसमें सोमवार के दिन भी ज्यादा गिरावट नहीं रही और यह 250 के पार तक रहा, जबकि हवा का एक्यूआई (एअर क्वालिटी इंडेक्स) 100 माइक्रोग्राम प्रति मीट्रिक क्यूब तक होना चाहिए।
जिले में अक्तूबर के आखिरी दिनों में प्रदूषण का स्तर तेजी से बढ़ा था। इस कारण ही लोग जहरीली हवा में सांस लेने को मजबूर हो रहे थे, लेकिन कई दिन से प्रदूषण का स्तर कम हो रहा था और लोगों को कुछ राहत मिलनी शुरू हो गई थी। वहीं दिवाली के कारण हवा में प्रदूषण के हालात एक बार फिर से बिगड़ गए हैं। सुप्रीम कोर्ट ने भले ही दिवाली पर पटाखे चलाने का समय 8-10 बजे तक निर्धारित किया था, लेकिन उसके बावजूद देर रात तक आतिशबाजी होती रही। जिनसे निकलने वाले धुएं से खूब वायु प्रदूषण हुआ।
पटाखे चलाने के साथ खूब दौड़ाए वाहन
प्रदूषण नियंत्रण विभाग की ओर से जांच की जाती है कि उसमें पीएम (परटिक्यूलेट मैटर) 2.5 व पीएम 10 कितना है। उनका पता करने के बाद दोनों का औसत निकाला जाता है, जिसे औसत एक्यूआई (एअर क्वालिटी इंडेक्स) कहा जाता है। इस एक्यूआई से ही पता चलता है कि हवा में कितना प्रदूषण है। इस समय यह एक्यूआई काफी ऊपर पहुंचा हुआ है। इसका बड़ा कारण है कि दिवाली पर काफी पटाखे चलाए गए और एक-दूसरे के यहां जाने में वाहन भी लोगों ने खूब दौड़ाए हैं, जबकि यहां फैक्टरियां भी लगातार चलती रहती हैं, जिनसे लगातार प्रदूषण हो रहा है।
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सांस की बीमारी का खतरा तो आंखों में रही जलन
नागरिक अस्पताल के फिजिशियन डॉ. शैलेंद्र कुमार ने बताया कि दिवाली पर जिस तरह से आतिशबाजी करने पर धुआं छाया रहा। उससे सांस की बीमारी होने की आशंका ज्यादा रहती है। इसके साथ ही जिन लोगों को पहले से श्वांस की बीमारी है, उनके लिए यह धुआं काफी खतरनाक है। धुएं से आंखों में जलन की शिकायत भी सबसे ज्यादा रहती है और आंखों के मरीज भी बढ़ जाते है।
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मुंह पर मास्क और आंखों पर चश्मा लगाकर निकलें बाहर
डॉ. शैलेंद्र कुमार ने बताया कि इस तरह के मौसम में ठंडा पानी नहीं पीना चाहिए, क्योंकि शरीर के अंदर गए कण ठंडे पानी से जम जाते हैं। घर से बाहर बिना किसी कारण के नहीं निकलना चाहिए और घर से निकलना है तो मुंह पर मास्क और आंखों पर चश्मा लगाकर निकलना चाहिए। आंखों को दिन में कई बार पानी से धोते रहना चाहिए, जिससे आंखों में परेशानी होने का खतरा कम रहता है।
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इस तरह होता है औसत एक्यूआई
0-50 अच्छा
51-100 औसत
101-200 मॉडरेट
201-300 खराब
301-400 ज्यादा खराब
400 से ज्यादा बेहद खतरनाक
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दिवाली पर बढ़ जाता है प्रदूषण
दिवाली पर प्रदूषण बढ़ जाता है। यह जरूर है कि इस बार पहले के मुकाबले प्रदूषण कम रहा, क्योंकि इसको लेकर काफी ध्यान रखा जा रहा है।
-भूपेंद्र सिंह, क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण अधिकारी