सोनीपत। हिंदू शिक्षण संस्था के एक स्कूल की दो शिक्षिकाओं से छेड़खानी के आरोपी प्रधानाचार्य की गिरफ्तारी के लिए पुलिस ने दबिश दी, लेकिन प्रधानाचार्य नहीं मिले। गिरफ्तारी के लिए गई पुलिस को प्रधानाचार्य के परिजनों ने उनकी अग्रिम जमानत के लिए याचिका लगाने की जानकारी दी। जिसके बाद पुलिस वापस लौट गई। वहीं बताया गया है कि स्कूल से प्रधानाचार्य को निलंबित कर दिया गया है।
स्कूल की शिक्षिका ने महिला थाना पुलिस को बताया था कि स्कूल के प्रधानाचार्य ने उसके साथ अभद्रता की है। शिक्षिका ने आरोप लगाया था कि अगस्त, 2019 से स्कूल के प्रधानाचार्य उसका उत्पीड़न करना शुरू दिया था। उसे मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जाने लगा था। उसने आरोप लगाया था कि फोन पर बातचीत के साथ ही ऑफिस में बुलाकर उसके सामने गलत शब्दों का प्रयोग करता था। लगातार प्रताड़ना से तंग आकर उसने परिजनों को अवगत कराया था। जिस पर मामले से उन्होंने स्कूल की प्रबंधक समिति हिंदू संस्था के प्रधान को भी लिखित शिकायत दी थी। उसके बावजूद कोई कार्रवाई नहीं हो सकी थी। उन्होंने इसकी शिकायत 30 जनवरी को उप प्रधान से भी की थी। 31 जनवरी को उसे व उसकी साथी शिक्षिका को ही स्कूल से निकाल दिया गया था। उन्होंने आरोप लगाया था कि मामले में प्रधान व उप प्रधान की भूमिका की भी जांच होनी चाहिए। जिस पर महिला थाना पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर लिया था। मामले में पुलिस टीम ने आरोपी प्रधानाचार्य की तलाश में दबिश दी, लेकिन वह पकड़ में नहीं आ सका। परिजनों ने पुलिस को बताया कि उनकी तरफ से कोर्ट में अग्रिम जमानत की याचिका लगाई गई है। जिसकी सुनवाई 12 फरवरी को होनी है। उसके बाद पुलिस वापस लौट आई।
प्रधानाचार्य को किया गया निलंबित
बताया गया है कि स्कूल से आरोपी प्रधानाचार्य को निलंबित कर दिया गया है। जिसके बाद पुलिस ने मामले में उसकी गिरफ्तारी के लिए दबिश तेज कर दी थी। लेकिन आरोपी पुलिस के हाथ नहीं लग सका।
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शिक्षिका ने स्कूल प्रधानाचार्य के खिलाफ शिकायत दी थी। जिस पर मुकदमा दर्ज कर जांच की जा रही है। आरोपी की गिरफ्तारी को दबिश दी गई तो परिजनों ने अग्रिम जमानत की याचिका दायर करने की बात कही है। जिसके कागजात भी दिखाए गए हैं। पुलिस मामले में लगातार ठोस कार्रवाई कर रही है।
-डॉ.रवींद्र कुमार, डीएसपी