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किसानों के संसद कूच के दौरान बवाल कर सकते हैं असामाजिक तत्व

Sat, 17 Jul 2021 01:39 AM IST
रोहतक ब्यूरो अंकित चौहान, सोनीपत
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किसानों के संसद कूच के दौरान असामाजिक तत्व बवाल करा सकते हैं। जिस तरह से सोशल मीडिया पर वीडियो जारी करने के साथ ही अब लोगों के मोबाइल पर पिछले कई दिनों से लगातार कॉल आ रही हैं और उनको बवाल के लिए उकसाया जा रहा है। उसको देखते हुए खुफिया एजेंसियों ने सरकार को रिपोर्ट भेजी है।
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इसके साथ ही सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाने की सलाह दी गई है, जिससे असामाजिक तत्व संसद कूच के दौरान बवाल न कर सके। हालांकि खुफिया एजेंसी की इस रिपोर्ट के बाद सुरक्षा बलों के साथ किसान भी सतर्क हो गए हैं, ताकि दिल्ली में 26 जनवरी की तरह कोई बवाल न हो जाए।
संयुक्त किसान मोर्चा ने 22 जुलाई को संसद कूच का एलान किया हुआ है, जिसमें देश के 22 राज्यों के संगठनों के करीब 200 से ज्यादा किसान नेता संसद कूच करेंगे। संसद कूच की रणनीति के तहत किसान नेता सिंघु बॉर्डर से बसों में बैठकर जाएंगे और संसद से पहले मार्च शुरू किया जाएगा। किसानों के इस संसद कूच के दौरान ही असामाजिक तत्व बवाल करा सकते हैं, इसके लिए किसानों व अन्य लोगों को उकसाया जा रहा है। जहां अलगाववादी संगठन सिख फॉर जस्टिस ने पहले वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल किया था और केसरी झंडा व किरपाण लेकर दिल्ली में घुसकर संसद पर कब्जा करने की बात कही थी। अब किसानों के मोबाइल पर लगातार कॉल आ रही हैं। इसमें पंजाब को आजाद कराने समेत कई अन्य बातें कही जा रही हैं। यह भी कहा जा रहा है कि 22 जुलाई को सभी को केसरी झंडा व किरपाण लेकर संसद पर कब्जा करना है और किसी के रोकने से रुकना नहीं है। खुफिया एजेंसियों ने आशंका जताई है कि संसद कूच के दौरान किसान नेताओं के दिल्ली में पहुंचने पर असामाजिक तत्व शामिल होकर बवाल कर सकते हैं।
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वर्जन
अलगाववादी संगठन सिख फॉर जस्टिस ने किसानों को उकसाने के लिए वीडियो जारी किया था और अब मोबाइल पर कॉल करने की बात भी पता चली है, लेकिन हम पूरी तरह से सतर्कता बरत रहे हैं और इसलिए ही ऐसी व्यवस्था की गई है, जिससे कोई बाहरी व असामाजिक तत्व संसद कूच में शामिल न हो सके। सभी के पहचान पत्र बनाए जाएंगे और उसके बाद ही बस में बैठाया जाएगा। दिल्ली में पहुंचने पर भी सभी के पहचान पत्र की जांच की जाएगी। हम नहीं चाहते कि 26 जनवरी की तरह कोई किसानों के बीच घुसकर बवाल करे।
- बलबीर सिंह राजेवाल, सदस्य संयुक्त किसान मोर्चा
वर्जन
पहले इस तरह की जानकारी मिली थी, जिसके बाद से सुरक्षा व्यवस्था कड़ी की गई है और किसी तरह की कोई अप्रिय घटना न हो, उसके लिए हर तरह से नजर रखी जा रही है। किसान नेताओं से बातचीत की गई है कि कोई भी असामाजिक तत्व दिखाई देता है तो पुलिस को तुरंत सूचित किया जाए। पुलिस व सुरक्षा बलों के जवान भी सतर्क हैं।
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- जश्नदीप रंधावा, एसपी
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