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मादक पदार्थ तस्करी रोकने को स्पेशल सेल गठित, तस्करों की तह तक जाएगी पुलिस

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सोनीपत। जिले में अब मादक पदार्थ तस्करी रोकने के लिए पुलिस ने पहल शुरू कर दी है। इसके लिए विशेष सेल का गठन किया गया है। एंटी नारकोटिक्स सेल डीएसपी के नेतृत्व में काम करेगा। डीएसपी के नेतृत्व में गठित सेल में 13 पुलिस कर्मियों को शामिल किया गया है। एंटी नारकोटिक्स सेल मादक पदार्थ के साथ पकड़े गए तस्कर से पूछताछ कर उसके गढ़ तक जाकर माफियाओं पर शिकंजा कसेगा। जिससे मादक पदार्थ तस्करी को व्यापक स्तर पर रोका जा सके।
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जिले में मादक पदार्थ तस्करी के बढ़ते वर्चस्व को रोकने की जिम्मेदारी एसपी प्रतीक्षा गोदारा ने डीएसपी डॉ. रवींद्र कुमार को दी। एसपी के निर्देश पर डीएसपी के मार्गदर्शन में विशेष एंटी नारकोटिक्स सेल का गठन किया गया है। इसका काम मादक पदार्थ तस्करों पर विशेष रूप से शिकंजा कसना है। यह सेल मादक पदार्थ बेचने वालों को पकड़ने के बाद उनकी तह तक जाएगा। अक्सर किसी मादक पदार्थ तस्कर को पकड़ने के बाद पुलिस उसे न्यायालय में पेश कर देती और वह जेल जाकर कुछ दिन बाद जमानत पर आने के बाद फिर से यही धंधा शुरू कर देता है। अब विशेष सेल आरोपी के मादक पदार्थ तस्करी गिरोह से जुड़े तार पता लगाकर उनकी चेन को तोड़ेेगी। विशेष टीम पता लगाएगी कि आरोपी कहां से मादक पदार्थ लेकर आता है। अब पुलिस इस मामले से जुड़े बड़े मगरमच्छों तक पहुंचने की कवायद में जुट गई है। जिससे उन्हें पकड़कर मादक पदार्थ तस्करी को जड़ से खत्म किया जा सके।
दूसरे प्रदेशों की सीमा से सटे क्षेत्र पर विशेष निगाह
एंटी नारकोटिक्स सेल के सदस्य जिले की दूसरे प्रदेशों से जुड़ी सीमाओं पर विशेष निगरानी रखेंगे। इसके लिए अलग-अलग टीम बनाकर काम किया जाएगा। यह टीमें मादक पदार्थ तस्करी की समस्या को पूरी तरह से खत्म करने के लिए संबंधित पुलिस अधिकारियों से बेहतर तालमेल बिठाकर काम करेगी।
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कुंडली में पकड़ी गई थी 200 करोड़ की हेरोइन
सोनीपत मादक पदार्थ तस्करी का गढ़ बनने लगा है। पिछले दिनों ही दिल्ली की विशेष टीम ने कुंडली के प्याऊ मनियारी के पास स्थित वेयरहाउस से 50 किलो हेरोइन बरामद की थी। जिसकी अंतरराष्ट्रीय मार्केट में कीमत 200 करोड़ रुपये बताई गई थी। इसके अलावा भी यहां मादक पदार्थ तस्करी के कई मामले सामने आ चुके हैं। एक विवि में तस्करी करने आए नाइजीरिया के नागरिक को भी पकड़ा जा चुका है।
अदालत में बेहतर ढंग से उठाया जाएगा मामला
एंटी नारकोटिक्स सेल के सदस्य पुलिस कर्मियों को कानूनविदों से विशेष व्यावहारिक ज्ञान दिलवाया जाएगा। जिससे वह अदालतों में अपने मुकदमों को प्रभावी तरीके से पेश कर सकें। साथ ही मादक पदार्थ तस्करी के धंधे से जुड़े अपराधियों को कड़ी सजा दिलाई जा सके। कड़ी सजा मिलने से अपराधियों में भी भय पैदा होगा और वह इस धंधे को छोड़ सकेंगे।
मादक पदार्थ की लत से जूझ रहे लोगों को किया जाएगा जागरूक
डीएसपी मादक पदार्थ तस्करों पर शिकंजे के साथ ही मादक पदार्थों के सेवन की लत से जूझ रहे लोगों को जागरूक भी करेंगे। इसके लिए जागरूकता कार्यक्रम चलाए जाएंगे। जिससे युवा पीढ़ी को नशे से होने वाले विकारों के बारे में बताया जाएगा। ताकि उन्हें जागरूक कर मादक पदार्थ की लत से दूर किया जा सके।
डीएसपी के मार्गदर्शन में 13 सदस्यीय सेल बनाया
एंटी नारकोटिक्स सेल में डीएसपी के नेतृत्व में 13 पुलिस कर्मियों को शामिल किया गया है। जिसमें एक एसआई, तीन एएसआई, चार हेड कांस्टेबल व पांच सिपाही शामिल किए गए हैं।
मादक पदार्थ तस्करी को रोकने के लिए एंटी नारकोटिक्स सेल का गठन किया गया है। अब महज तस्करों की गिरफ्तारी तक ही पुलिस सीमित नहीं रहेगी। अब तस्करी की जड़ तक जाने का प्रयास किया जाएगा। ताकि इसे पूरी तरह से मिटाया जा सके। मादक पदार्थ तस्करी को किसी सूरत में सहन नहीं किया जाएगा।
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डॉ. रवींद्र कुमार, डीएसपी सोनीपत।
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