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Sonipat: 'प्रदूषण फैलाने वाले बड़े उद्योगों पर कार्रवाई नहीं, NCR में तीन हजार ईंट-भट्ठे कर दिए बंद'

Sat, 29 Oct 2022 10:30 PM IST
भूपेंद्र सिंह संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत (हरियाणा)

सार

भट्ठा संचालकों ने कहा कि भट्ठों से महज 2 फीसदी प्रदूषण होता है, उसमें भी हम सहयोग करने को तैयार है। ईंट भट्ठा संचालकों ने जीएसटी 12 फीसदी से कम या खत्म करने की मांग उठाई है। वार्षिक आमसभा में सांसद रमेश कौशिक, बागपत से सांसद सत्यपाल सिंह, राई से विधायक मोहनलाल बड़ौली भी पहुंचे। 
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सांसद रमेश कौशिक, सत्यपाल सिंह व विधायक मोहनलाल बड़ौली का स्वागत करते संगठन के पदाधिकारी। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
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प्रदूषण कम करने के उद्देश्य से राष्ट्रीय हरित प्राधिकरण (एनजीटी) की ओर से प्रदूषण फैलाने वाले बड़े उद्योग व ट्रांसपोर्ट फैक्टरियों पर कोई कार्रवाई नहीं की जाती। हर साल एनजीटी की तरफ से एनसीआर क्षेत्र के तीन हजार ईंट-भट्ठों को बंद कर दिया जाता है। यह बात राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र ईंट एवं टाइल निर्माता संगठन के अध्यक्ष सुरेंद्र सिंह चौहान ने कही। 

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सुरेंद्र सिंह चौहान हरियाणा के सोनीपत में मुरथल रोड स्थित निजी बैंक्वेट हॉल में राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र ईंट एवं टाइल निर्माता संगठन की वार्षिक आम सभा को संबोधित कर रहे थे। सभा में एनसीआर क्षेत्र में आने वाले हरियाणा, उत्तरप्रदेश व राजस्थान के विभिन्न जिलों से ईंट भट्ठा संचालक पहुंचे थे। बैठक में सांसद रमेश कौशिक, बागपत के सांसद एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री सत्यपाल सिंह व विधायक मोहनलाल बड़ौली बतौर अतिथि पहुंचे थे।
 
संगठन अध्यक्ष सुरेंद्र सिंह चौहान ने कहा कि एनजीटी की तरफ से ग्रामीण कुटीर उद्योगों पर जिस प्रकार की कार्रवाई हो रही है वह अनुचित है। उन्होंने कहा कि सरकार की साइंटिफिक रिपोर्ट यह कहती है कि भट्ठों से महज 2 फीसदी वायु प्रदूषण होता है। ऐसे में बड़े उद्योगों को बंद करने की बजाय कुटीर उद्योगों पर कार्रवाई करना गलत है। 
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राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र ईंट एवं टाइल निर्माता संगठन की वार्षिक आमसभा में उपस्थित ईंट भट्ठा संचालक। संवाद

उन्होंने कहा कि न्यायालय के आदेश पर एनसीआर के सभी ईंट भट्ठा संचालकों की ओर से जिग जैक प्रणाली को अपनाया जा रहा है जिसके माध्यम से प्रदूषण कम होता है। भट्ठा संचालकों का कहना है कि वह खुद प्रदूषण को कम करना चाहते है अगर सरकार कोई ऐसी तकनीक लेकर आए जिससे प्रदूषण भी कम हो और भट्ठों को भी कोई प्रभाव न पड़े।

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सरकार के साथ मिलकर सहयोग करने के लिए तैयार है। इसके लिए सरकार टेक्नोलॉजी, सहयोग और समय दें। इसको लेकर सांसद रमेश कौशिक व सत्यपाल सिंह को केंद्र सरकार के नाम मांगपत्र भी सौंपा गया। साथ ही उन्होंने जीएसटी 12 फीसदी से कम या खत्म करने की मांग उठाई। 
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सरकार से बात की जाएगी  
बागपत से सांसद सत्यपाल सिंह ने कहा कि एनसीआर में करीब तीन हजार ईंट भट्ठा संचालक पांच लाख लोगों को रोजगार दे रहे हैं। एनजीटी के आदेशों के बाद ईंट भट्ठा संचालकों के सामने जिस तरह की समस्याएं उत्पन्न हो रही है उसको लेकर सरकार से बात की जाएगी। भविष्य में किस तरह के ईंधन से ईंट भट्ठों को चलाया जा सके, इसको लेकर वैज्ञानिकों से बातचीत करके कोई हल निकाला जाएगा। वहीं सांसद रमेश कौशिक ने आश्वत किया कि केंद्र सरकार के समक्ष भट्ठा मालिकों के मुद्दे उठाए जाएंगे। साथ ही उनको सरकार के समक्ष बैठाकर समाधान का प्रयास करेंगे। 

सुरेंद्र सिंह चौहान दोबारा बने अध्यक्ष
राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र ईंट एवं टाइल निर्माता संगठन की कार्यकारिणी का कार्यकाल पूरा हो गया है। इसको लेकर कार्यकारिणी का चुनाव भी कराया गया। इस दौरान सुरेंद्र सिंह चौहान को दोबारा अध्यक्ष पद की कमान सौंपी गई। साथ ही विक्रम राणा को महामंत्री, पुलकित जैन को कोषाध्यक्ष, नरेंद्र, संजीव चौधरी, अशोक यादव, लेखराज, देवेंद्र सिंह, चांद सिंह पहलवान, जयकरण व बब्बू चौधरी को उपाध्यक्ष चुना गया। वहीं अनिल अग्रवाल, संजय शर्मा, सुरेश फौजी, अनिल गुप्ता, रमेश कुंडू, कृष्ण, सुरेश राठी, राजीव दादू, रामपाल पंवार को संयुक्त सचिव चुना गया। यह चुनाव रविंद्र तेवतिया, रतन गणेश व मुकेश अग्रवाल की देखरेख में संपन्न हुआ।

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