सोनीपत। गांव कामी में युवक की बेरहमी से पीटकर हत्या करने के मामले में पुलिस ने मुख्य आरोपी समेत छह आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। हमलावरों ने वारदात को अंजाम देने के बाद युवक के शव को उसके घर के बाहर फेंक दिया था। शुरुआती पूछताछ में पता लगा है कि दोस्त के साथ चल रही कहासुनी में सुलह कराने गए अंकित की गाली-गलौज होने के बाद हत्या कर दी गई थी। हमले में अंकित का एक अन्य साथी भी घायल है।
गांव कामी निवासी अंकित (32) रविवार को घर से बाहर गए थे। अंकित अपने दोस्त दीपक के साथ गांव के ही नवीन के घर गए थे। अंकित के दोस्त साहिल का नवीन से झगड़ा चल रहा था। जिसमें अंकित अपने दोस्त दीपक को लेकर सुलह के लिए गए थे। वहां पर नवीन व उसके साथियों के साथ अंकित की कहासुनी हो गई थी। गाली-गलौज होने पर हमलावरों ने अंकित की पिटाई कर दी थी। बेरहमी से पिटाई करने के बाद अंकित को गांव का नवीन व उसका साथी अजय बाइक पर बैठाकर उसके घर के पास छोड़कर भाग गए। उन्होंने नवीन की मां सुनीता को धमकी दी थी कि इसको तो मार दिया, पुलिस में शिकायत दी तो तुझे भी मार देंगे। सदर थाना पुलिस ने जांच के बाद हत्या का मुकदमा दर्ज कर लिया था। मामले में अंकित की मां सुनीता के बयान पर गांव के नवीन, उसके भाई प्रवीन, गांव के ही अजय, तनुज, दीपांशु, मोनू, योगेश, सन्नी व छपरा गांव के लोकेश साहिल को नामजद किया था। हमले का शिकार हुआ अंकित शादीशुदा था और परिवार का इकलौता पुत्र था। उनके पिता का पहले ही देहांत हो चुका है। अंकित का दोस्त दीपक भी घायल हुआ है। उसे अस्पताल में उपचार दिलवाया गया।
एसीपी जीत सिंह ने बताया कि मामले में कार्रवाई करते हुए सदर थाना प्रभारी सुभाष चंद ने अपनी टीम में शामिल एसआई कमलदीप, एएसआई शैलेंद्र व अन्य के साथ मिलकर आरोपी नवीन, उसके भाई प्रवीन, अजय, तनुज उर्फ काला, संदीप, दीपांशु उर्फ मानू और लोकेश उर्फ सन्नी को गिरफ्तार किया है। पुलिस आरोपियों को मंगलवार को अदालत में पेश करेगी।
पुलिस की शुरुआती जांच में सामने आया है कि अंकित के दोस्त साहिल की नवीन से रंजिश थी। जिसमें सुलह कराने गए अंकित का नवीन से झगड़ा हुआ। उनकी पहले भी मोबाइल पर बातचीत में कहासुनी हो चुकी थी। नवीन के घर जाने पर अंकित व दीपक पर हमला कर दिया गया था।
नवीन का रहा है आपराधिक रिकॉर्ड
मामले में मुख्य आरोपी नवीन का पहले भी आपराधिक रिकॉर्ड रहा है। उसके खिलाफ सोनीपत सदर, सिविल लाइन, गुरुग्राम के बिलासपुर व जीआरपी थाना सोनीपत में आठ मुकदमे दर्ज हुए थे। उनमें लूट, डकैती, मारपीट, अपहरण के बाद लूटपाट व अवैध शस्त्र अधिनियम के मुकदमे शामिल हैं।