गन्नौर। उद्योगपतियों ने हाल ही में उद्योगों की बिजली दरों में की गई वृद्धि पर नाराजगी जताई है। बिजली की बढ़ी दरों के विरोध में सोमवार को एमएसएमई इंडस्ट्रीज वेलफेयर एसोसिएशन कार्यालय में उद्योगपतियों ने बैठक कर माना कि इससे उद्योगों पर गंभीर असर पड़ेगा।
एसोसिएशन के महासचिव हरप्रीत सिंह ने केंद्रीय ऊर्जा मंत्री मनोहर लाल, मुख्यमंत्री नायब सैनी, प्रदेश के बिजली मंत्री अनिल विज व बिजली निगम के उच्च अधिकारियों को ज्ञापन भेजा है। ज्ञापन में बताया गया है कि बिजली दरों को बिना किसी अग्रिम सूचना के 125 रुपये प्रति किलोवाट से बढ़ाकर 165 से 290 रुपये प्रति किलोवाट कर दिया गया है। इस संबंध में निगम ने उद्योगपतियों से परामर्श भी नहीं लिया है।
उन्होंने कह कि दरें बढ़ने से एमएसएमई सेक्टर की इकाइयों पर भारी आर्थिक बोझ पड़ा है। एसोसिएशन ने कहा है कि महामारी के बाद उद्योग पहले से ही आर्थिक संकट और महंगाई से जूझ रहे हैं। ऐसे में बिजली दरों में यह अचानक बढ़ोतरी उनके संचालन पर सीधा असर डाल रही है।
एसोसिएशन ने आशंका जताई कि इससे कई इकाइयों को बंद करना पड़ सकता है। उत्पादन क्षमता में कटौती करनी पड़ सकती है। नौकरियों पर भी खतरा उत्पन्न हो सकता है। इससे निवेशकों का भरोसा भी डगमगा सकता है। इस मौके पर हरीश काहराना, कमल, नवजोत सिंह, अनिल कुमार, संजय मित्तल, सुनील जिंदल, पवन खासा, जगमेंद्र सिंह, सुरेंद्र आदि मौजूद रहे।
-एसोसिएशन ने उठाई मांगे
एसोसिएशन ने सरकार से दरों में हुई बढ़ोतरी पर पुनर्विचार किया जाने, चरणबद्ध या ग्रेडेड बढ़ोतरी की योजना लागू किए जाने जाए, अधिक ऊर्जा का प्रयोग करने वाले उद्योगों के लिए रियायती दरें लागू किये जाने, नवीकरणीय ऊर्जा और कैप्टिव पावर को बढ़ावा दिए जाने की मांग की है। एसोसिएशन ने आग्रह किया कि सरकार इस मामले की गंभीरता से लेते हुए औद्योगिक विकास व रोजगार की सुरक्षा के लिए समय रहते उचित कदम उठाए।