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Sonipat News: एनीमिया मुक्त सप्ताह 3 मार्च से, बच्चों और महिलाओं की खून जांच होगी

Sat, 15 Feb 2025 02:43 AM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
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फोटो 08: सोनीपत के नागरिक अस्पताल में हीमोग्लोबिन जांच के लिए मशीनों को ठीक करता इंजीनियर। संवा
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सोनीपत। स्वास्थ्य विभाग की ओर से बच्चों, किशोरों व महिलाओं को एनीमिया मुक्त किया जाएगा। इसको लेकर स्वास्थ्य विभाग की तरफ से 3 मार्च से एनीमिया मुक्त अभियान की शुरुआत की जा रही है। इसके लिए बच्चों, किशोरों व महिलाओं में खून के नमूने लेकर हीमोग्लोबिन (एचबी) जांच की जाएगी। इसके तहत मुख्यालय से पहुंची इंजीनियर की ओर से एचबी जांच के लिए मशीनों को ठीक किया जा रहा है।
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जिले में में 3 मार्च से शुरू होने वाले अभियान के तहत सामान्य मरीजों को पहले की तरह प्राथमिक स्तर पर आयरन की दवा दी जाएगी। वहीं, गंभीर एनीमिया रोगियों को दवाएं देने के साथ जब तक ये ठीक नहीं होते तब इनकी मॉनिटरिंग कर फीडबैक भी लिया जाएगा। अभियान में आशा व आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का सहयोग लिया जाएगा। इसके चलते सभी लोग इस अभियान में हिस्सा लेकर एनीमिया की जांच करवाएं।
अभियान के तहत उप स्वास्थ्य केंद्र, पीएचसी, सीएचसी, नागरिक अस्पताल में शिविर लगाए जाएंगे। उस दौरान इसके लिए छह टारगेटिड ग्रुप जिसमें 6 माह-5 वर्ष, 6-9 वर्ष, 10-19 वर्ष आयु के बच्चों व किशोरों के खून की जांच की जाएगी। विशेष रूप से स्तनपान कराने वाली व गर्भवती महिलाएं के खून की जांच की जाएगी। साथ ही 15 से 49 साल तक की महिलाओं की रक्त जांच की जाएगी। अभियान के तहत आयरन की गोलियां वितरित की जाएंगी और इसी तरह बच्चों के लिए सीरप भी वितरित किया जाएगा।
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एचबी का सामान्य मान 11 से अधिक माना जाता है, जबकि 10 से 10.9 के बीच का मान हल्का एनीमिया, 7 से 9.9 के बीच का मान मध्यम तथा 7 से कम का मान गंभीर एनीमिया की श्रेणी में आता है। अभियान के तहत शून्य से पांच वर्ष के बच्चों के लिए आयरन सीरप, छह से 10 वर्ष के बच्चों को आयरन गुलाबी गोली, 11 से 19 वर्ष के बच्चों को आयरन नीली गोली, गर्भवती व महिलाओं को आयरन लाल रंग की गोली खिलाई जाएगाी।
एनिमिया के कारण होती है कमजोरी
खराब खान पान के कारण जिस भी व्यक्ति के खून में हीमोग्लोबिन या आयरन कम हो जाता है। महिलाओं में गर्भावस्था के समय खून की कमी होने से एनीमिया होने का खतरा अधिक होता है। सब्जियों व फलों का सेवन नियमित करना चाहिए। खून की नियमित जांच करवानी चाहिए। जिससे समय रहते खून में एनीमिया का पता लगाया जा सके।
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जिलाभर में 3 मार्च से एनीमिया मुक्त सप्ताह की शुरुआत होने जा रही है। इसके तहत बच्चों व महिलाओं में हीमोग्लोबिन जांच की जाएगी। हीमोग्लोबिन कम मिलने पर उनका उपचार शुरू किया जाएगा।
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डॉ. जितेंद्र सिंह, नोडल अधिकारी, मातृत्व स्वास्थ्य अभियान
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