सोनीपत। सरकार के 25 करोड़ रुपये से ज्यादा दबाकर बैठी आनंद एंड कंपनी का रेत खनन ठेका निलंबित कर दिया गया है। उसपर पहले ही सरकार के 25 करोड़ रुपये से ज्यादा बकाया है और वह कोर्ट के आदेश पर 45 लाख रुपये महीना भी जमा नहीं करा रहे थे। इसके अलावा उसपर यमुना नदी में रेत के ढेर लगाने के साथ ही बांध बनाकर पानी की धार मोड़ने का मुकदमा दर्ज हुआ था। इस कारण ही उसका ठेका निलंबित कर दिया गया है और अब वह रेत खनन नहीं कर सकेंगे।
यमुना में खनन का ठेका लेने के बाद से अधिकतर ठेकेदार रुपया जमा नहीं करा रहे थे, जिससे उनपर 300 करोड़ रुपये से ज्यादा बकाया हो गया था। इसके बावजूद भी खनन विभाग के अधिकारी उनपर मेहरबान थे और खनन विभाग की मिलीभगत से सभी ठेकेदार सरकार का रुपया दबाकर खनन कर रहे थे। सरकार बदलने के बाद सीएम मनोहर लाल व खनन मंत्री मूलचंद शर्मा ने सख्ती दिखाई और सरकार का रुपया दबाकर बैठने वाले ठेकेदारों की खान निलंबित कराने के साथ ही ठेका रद्द करा दिया। लेकिन मीमारपुर में आनंद एंड कंपनी पर सरकार के 25 करोड़ रुपये से ज्यादा बकाया है और उसके बावजूद भी वह खुलेआम खनन कर रहा था। इसके अलावा मीमारपुर में आनंद एंड कंपनी ने यमुना में रेत के ढेर लगाने के अलावा बांध बनाकर पानी की धार बदली हुई थी। जिससे यमुना का बहाव यूपी की ओर हो गया था और इसकी शिकायत होने पर आनंद एंड कंपनी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया था। उसके बाद भी आनंद एंड कंपनी ने खनन करना शुरू कर दिया। जिसका खुलासा अमर उजाला ने किया तो अधिकारी हरकत में आए और आनंद एंड कंपनी के खिलाफ डायरेक्टर को रिपोर्ट भेजी गई। जिसपर कार्रवाई करते हुए अब आनंद एंड कंपनी का खनन का ठेका निलंबित कर दिया गया है और अब वह खनन नहीं कर सकते है। खनन निरीक्षक गुलशन ने बताया कि आनंद एंड कंपनी पर रुपये बकाया है और वह किश्त भी जमा नहीं कर रहे है। इसलिए ठेका निलंबित कर दिया गया है।