सोनीपत। दीनबंधु छोटूराम विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय मुरथल में अब उच्च शिक्षा के साथ-साथ आधुनिक कृषि तकनीकी शोध को नई दिशा मिलने जा रही है। विश्वविद्यालय में जल्द ही एग्रीकल्चर इंजीनियरिंग विभाग की स्थापना की जाएगी जहां विद्यार्थी आधुनिक खेती की तकनीकों पर शोध कर सकेंगे।
विश्वविद्यालय प्रशासन ने नए विभाग के गठन को लेकर सरकार से मंजूरी प्राप्त करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। उम्मीद जताई जा रही है कि अगले दो से तीन महीने में मंजूरी मिलने के बाद विभाग का कार्य विधिवत शुरू हो जाएगा। विश्वविद्यालय में पहले से ही एग्रीकल्चर इंजीनियरिंग का कोर्स संचालित है, जिसमें 30 सीटें निर्धारित हैं।
हालांकि अब तक इस कोर्स में अपेक्षित दाखिले नहीं हो पा रहे थे, लेकिन इस सत्र में पहली बार सभी सीटें भरने के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन ने इस विषय के लिए अलग विभाग स्थापित करने का निर्णय लिया है। विभाग के गठन के बाद विद्यार्थियों को शोध से जुड़ी सभी आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।
इसके साथ ही टीचिंग और नॉन-टीचिंग स्टाफ की भी तैनाती की जाएगी। प्रशासन का मानना है कि शीघ्र ही विद्यार्थी कृषि तकनीक पर अनुसंधान शुरू कर देंगे जिससे फसल उत्पादन बढ़ाने और किसानों की समस्याओं के समाधान में सीधा लाभ मिलेगा।
टेक्सटाइल विभाग भी होगा स्थापित
विश्वविद्यालय प्रशासन ने टेक्सटाइल विभाग स्थापित करने का भी फैसला लिया है। इसके लिए सरकार से मंजूरी लेने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। मंजूरी मिलने के बाद टेक्सटाइल उद्योग को कुशल मानव संसाधन उपलब्ध होगा। वर्तमान में टेक्सटाइल सेक्टर में तेजी से विकास हो रहा है और ऐसे में विशेष विभाग बनने से विद्यार्थियों को रोजगार के बेहतर अवसर मिलेंगे। विश्वविद्यालय का प्रशिक्षण एवं प्लेसमेंट सेल छात्रों को प्रतिस्पर्धी जॉब मार्केट के लिए तैयार करने के लिए विशेष अभियान चला रहा है, जिससे उनकी रोजगार क्षमता में वृद्धि होगी।
आयसर कंपनी ने जारी किया अनुदान
ऑटोमोबाइल और ई-व्हीकल क्षेत्र में शोध को बढ़ावा देने के लिए विश्वविद्यालय ने आयसर कंपनी के साथ काम करने का निर्णय लिया है। कंपनी की ओर से विश्वविद्यालय को डेढ़ करोड़ रुपये का अनुदान जारी किया गया है। इससे अत्याधुनिक तकनीकी लैब का निर्माण किया जा रहा है। लैब के तैयार होने के बाद विद्यार्थी ई-व्हीकल और ऑटोमोबाइल तकनीक पर गहन शोध कर सकेंगे और उद्योग की जरूरतों के अनुरूप स्वयं को दक्ष बना सकेंगे।
शिक्षा की गुणवत्ता के साथ शोध बढ़ेगा
कुलपति प्रो. श्रीप्रकाश सिंह ने कहा कि एग्रीकल्चर इंजीनियरिंग और टेक्सटाइल विभाग के गठन से न केवल शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ेगी बल्कि शोध और रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे। विश्वविद्यालय प्रशासन विद्यार्थियों को बेहतर शिक्षा और भविष्य के लिए सक्षम बनाने के लिए लगातार ठोस कदम उठा रहा है।