सोनीपत। नगर निगम कार्यालय में भ्रष्टाचार के आरोप लगाकर मेयर और विधायक ने पार्षदों के साथ दो घंटे तक धरना दिया। इस दौरान निगम अधिकारियों की कार्यशैली पर सवाल उठाए गए। अधिकारियों की कार्य प्रणाली को लेकर मेयर दो दिन पहले मुख्यमंत्री को पत्र भी लिख चुके हैं।
उन्होंने कहा कि अधिकारी मनमानी काम कर रहे हैं। वह किसके निर्देश पर कर रहे हैं, इसका पता नहीं है। विधायक सुरेंद्र पंवार ने कहा कि 15 दिन में सुधार नहीं किया तो वह पार्षदों के साथ भूख हड़ताल शुरू करेंगे। उन्होंने कहा कि शहर में पानी की निकासी व सफाई व्यवस्था दुरुस्त करने के लिए अधिकारियों के पास कोई तरीका या योजना तक नहीं है।
उन्होंने कहा कि नगर निगम कार्यालय में आमजन तो दूर पार्षदों तक के काम नहीं होते हैं। शहर में नालों व सीवरलाइन की सफाई कराने के लिए छह माह से मांग की जा रही थी, उसके बावजूद बारिश से पहले निगम की ओर से धरातल पर कोई काम नहीं किया जा सका। जिससे बारिश आने पर स्थिति विकट हो गई। 25 जून को हुई बारिश के दौरान शहर की सड़कों पर पानी भर गया। उन्होंने बताया कि प्रॉपर्टी आईडी में त्रुटियां ठीक कराने के लिए शहर के लोग निगम कार्यालय के चक्कर काट रहे है, लेकिन परेशानी दूर नहीं हो पा रही है।
मेयर ने कहा कि बारिश से पहले अधिकारियों को निर्देश दिए गए थे कि नालों और सीवरलाइन की बेहतर सफाई करवाई जाए, पर किसी भी अधिकारी के कानों पर जूं तक नहीं रेंगी। हालात यह है कि थोड़ी सी बारिश होते ही सड़कों पर पानी भर जाता है। अधिक समय तक पानी की निकासी नहीं होने से शहर में जाम लग जाता है। अधिकारियों की कार्यशैली को लेकर मुख्यमंत्री को दो दिन पहले ही पत्र लिख चुके हैं।
सीनियर डिप्टी मेयर राजीव सरोहा ने कहा कि शहर में कचरे के ढेर लग रहे हैं। हाउस की बैठक में कूड़े के ढेर खत्म करने का प्रस्ताव पास किया गया था, लेकिन वह भी अभी तक लागू नहीं हो सका। नगर निगम की ओर से सफाई व्यवस्था पर हर माह 3.5 करोड़ रुपये खर्च किए जाते हैं, लेकिन व्यवस्था में सुधार लाने के ठोस प्रयास नहीं किए जा रहे हैं। वहीं डिप्टी मेयर मनजीत गहलावत ने कहा कि निगम में प्रॉपर्टी आईडी में सुधार, अनापत्ति प्रमाणपत्र सहित अन्य कार्यों के लिए शहरवासी धक्के खाने के लिए मजबूर हैं। समय पर उनका कार्य नहीं किया जा रहा। सरकार की जिम्मेदारी बनती है कि लापरवाह अधिकारियों व कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करें, जो छोटे-छोटे कार्य के लिए लोगों को चक्कर कटवाते हैं। इस दौरान निगम पार्षद बिजेंद्र मलिक, सुरेंद्र नैय्यर, सूर्या दहिया, नवीन तंवर, पार्षद प्रतिनिधि राजेश दहिया, अनिल नागर, भलेराम जांगड़ा, कमल हसीजा, डॉ. राकेश नरवाल, बिन्नी भारद्वाज, प्रिंस सरोहा, फूलकंवार चौहान मौजूद रहे।
प्रॉपर्टी आईडी ठीक कराने के लिए ऑब्जेक्शन लगाया था। लेकिन उसमें दर्ज स्टेटस को ठीक नहीं किया जा रहा है। जिसकी वजह से मैं लगातार निगम कार्यालय के चक्कर काट रहा हूं, पर कोई सुनवाई नहीं हो रही है। -रामकुमार निवासी बड़ा बाजार।
प्रॉपर्टी आईडी ठीक करवाने के लिए प्रति वर्ग गज के हिसाब से 400 रुपये की मांग की जा रही है। निगम कार्यालय में सरेआम लूट मची हुई है। ऑब्जेक्शन लगाने के बाद उसको ठीक कराने की बजाय खानापूर्ति की जा रही है। -रवींद्र मलिक, निवासी अशोक विहार।
मेरा घर 80 गज में बना हुआ है, जबकि प्रॉपर्टी टैक्स बिल में 124 गज दिखाया गया है। प्रॉपर्टी आईडी में त्रुटि ठीक कराने के लिए एक साल से धक्के खा रहा हूं, लेकिन अधिकारी कोई संतोषजनक कार्रवाई नहीं कर रहे। -सतबीर, निवासी भगत सिंह कॉलोनी।
नगर निगम कार्यालय में बिना पैसे के कोई काम नहीं होता। मैं दिल्ली में सरकारी विभाग में कार्यरत हूं। काम कराने के लिए हर सप्ताह छुट्टी लेकर निगम कार्यालय में आना पड़ता है, लेकिन काम नहीं हो रहा है। -अनूप दहिया, निवासी सेक्टर-13।
फोटो 10. नगर निगम कार्यालय में धरने पर बैठे मेयर निखिल मदान, विधायक सुरेंद्र पंवार व निगम पार्ष
फोटो 10. नगर निगम कार्यालय में धरने पर बैठे मेयर निखिल मदान, विधायक सुरेंद्र पंवार व निगम पार्ष
फोटो 10. नगर निगम कार्यालय में धरने पर बैठे मेयर निखिल मदान, विधायक सुरेंद्र पंवार व निगम पार्ष
फोटो 10. नगर निगम कार्यालय में धरने पर बैठे मेयर निखिल मदान, विधायक सुरेंद्र पंवार व निगम पार्ष
फोटो 10. नगर निगम कार्यालय में धरने पर बैठे मेयर निखिल मदान, विधायक सुरेंद्र पंवार व निगम पार्ष