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Sonipat News: जमीन अधिग्रहण के मुआवजे में 18 करोड़ के गड़बड़झाले का आरोप

Sat, 03 May 2025 01:26 AM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
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फोटो 11- सोनीपत के गोहाना रोड स्थित लघु सचिवालय के बाहर जमीन अधिग्रहण के लंबित मुआवजे की मांग क
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सोनीपत। संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर भारतीय किसान नौजवान यूनियन ने जमीन अधिग्रहण के मुआवजे में अधिकारियों पर 18 करोड़ रुपये का गड़बड़झाला करने का आरोप लगाते हुए पांच मांगों को लेकर प्रदर्शन किया। गोहाना रोड स्थित लघु सचिवालय के बाहर प्रदर्शन का नेतृत्व किसान नेता अभिमन्यु कोहाड़ ने किया। इसके बाद मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के नाम एसडीएम सुभाष चंद्र को ज्ञापन सौंपा।
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कोहाड़ ने कहा कि रेलवे कॉरिडोर के लिए जनवरी 2023 में जमीन अधिग्रहण का कार्य शुरू हुआ था। उस समय किसानों ने कम मुआवजा देने के चलते 8 माह तक धरना दिया था। केंद्रीय शहरी विकास एवं ऊर्जा मंत्री एवं पूर्व मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने उपायुक्त के नेतृत्व में कमेटी का गठन किया था। कमेटी ने भी अपनी रिपोर्ट में किसानों का मुआवजा बढ़ाने पर सहमति जताई थी। आयुक्त ने 8 फरवरी 2024 को बढ़े मुआवजे को मंजूरी प्रदान कर 29 से 39 लाख रुपये किया था। ऐसे में जिले में 25 से 30 लाख रुपये प्रति एकड़ मुआवजा के हिसाब से 18 करोड़ रुपये की राशि बढ़ाई गई थी। करीब सवा साल बीत जाने के बावजूद किसानों को बढ़ा मुआवजा नहीं मिला है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री से मांग है कि 18 करोड़ मुआवजा राशि व उसका ब्याज अब तक कहां अटका है। मामले की उच्चस्तरीय जांच करवाई जाए।
अभिमन्यु ने कहा कि जिले में आग की घटनाओं से किसानों को हुए नुकसान का प्रति एकड़ 50 हजार रुपये मुआवजा दिया जाए। 1 अप्रैल 2025 से बढ़े कलेक्टर रेट पर लगाई गई रोक को हटाया जाए। खरीफ का सीजन शुरू होने से किसानों को नहरी पानी मुहैया कराया जाए। फरमाणा मंडी के 70 फीसदी किसानों को 22 दिन बाद भी गेहूं की पेमेंट नहीं मिली है। मेरी फसल-मेरा ब्योरा पोर्टल में गड़बड़ी से कुछ किसान फसल की पेमेंट से वंचित हैं।
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पाकिस्तान अभी भी जा रहा 25 फीसदी पानी
अभिमन्यु कोहाड़ ने हरियाणा-पंजाब के पानी पर कहा कि दो राजनीतिक पार्टियों में जंग चल रही है। उन्होंने पहलगाम में आतंकी हमले पर कहा कि केंद्र सरकार ने सिंधु जल समझौता पर रोक लगाकर सराहनीय कार्य किया है, लेकिन समझौते के रावी, सतलुज, व्यास नदी का 20 से 25 फीसदी पानी अभी भी पाकिस्तान जा रहा है। खस्ताहाल डैमों का पुनर्निर्माण करवाया जाए। उन्हें ठीक करवाकर 25 फीसदी पानी को भी हरियाणा, पंजाब, मध्यप्रदेश व उत्तरप्रदेश के किसानों को दिया जाए। शारदा यमुना लिंक परियोजना पर 45 साल से किसी सरकार ने काम नहीं किया, जबकि इस कार्य पर 70 से 75 हजार करोड़ का खर्च ही आना है। इस परियोजना पर काम होने से उत्तराखंड, हरियाणा, पंजाब, मध्यप्रदेश व गुजरात के किसानों को साढ़े 9 मिलियन एकड़ हीट पानी अलग से मिल सकेगा।
बढ़ा हुआ मुआवजा जल्द मिलने की उम्मीद
विभागीय सूत्रों का कहना है कि किसानों को बढ़ा हुआ मुआवजा जल्द मिल सकता है। इसके लिए उच्च स्तर से अनुमति मिल गई है। जल्द ही मुआवजा जारी हो जाएगा, जिसके बाद राशि किसानों को बांट दी जाएगी।
किसानों का बढ़ा हुआ मुआवजा अटकने का मामला मेरे संज्ञान में नहीं है। ज्ञापन मेरे पास नहीं भेजा गया है। -रणविजय सुल्तानिया, डीआरओ।

फोटो 11- सोनीपत के गोहाना रोड स्थित लघु सचिवालय के बाहर जमीन अधिग्रहण के लंबित मुआवजे की मांग क

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