सोनीपत। राहगीरों को लूटने की फिराक में घात लगाए बदमाशों को पुलिस ने मुठभेड़ में गिरफ्तार कर लिया है। अब पुलिस आरोपियों का आपराधिक इतिहास खंगाल रही है। मुठभेड़ में घायल चांद 10 साल से अपराध की दुनिया में हैं। हत्या, मादक पदार्थों की तस्करी समेत संगीन अपराधों के दर्ज मुकदमों के आधार पर पुलिस को संदेह है कि मादक पदार्थों की तस्करी में आसपास के राज्यों में भी उसका नेटवर्क हो सकता है।
चांद उर्फ पहलवान के विरुद्ध वर्ष 2015 में पहला मुकदमा मारपीट का दर्ज हुआ था। इसके बाद मादक पदार्थों की तस्करी और अवैध असलहा रखने के आरोप में वह कई बार गिरफ्तार हुआ था। हत्या व हत्या की कोशिश के भी चार मुकदमे उसके विरुद्ध दर्ज हैं। इसके चलते उस पर 10 हजार रुपये का इनाम रखा गया था।
तीन अन्य आरोपी मनीष उर्फ मोनू, उत्तम नगर सोनीपत निवासी निशांत उर्फ काला, झज्जर जिला के गांव कुंजिया निवासी सचिन उर्फ टिंकू का आपराधिक इतिहास खास नहीं है।
शॉर्ट कट में पैसे कमाने की चाहत में आरोपी चांद के गिरोह में शामिल हो गए और मादक पदार्थों की तस्करी करने लगे। क्राइम यूनिट सेक्टर 27 के प्रभारी अनिल कुमार का कहना है कि यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि चांद का नेटवर्क किन राज्यों तक फैला हुआ है।