सोनीपत। गांव जुआं के सरकारी स्कूल के सामने हमले का शिकार हुआ अक्षित पढ़ाई में भी होनहार था। एक साल पहले पिता का साया सिर से उठने के बाद वह अपनी मां और छोटे भाई को सदैव ढांढस बंधाता था, लेकिन परिवार को यह पता नहीं था कि वह भी उन्हें ऐसे छोड़कर चला जाएगा। अक्षित की हत्या के बाद से पूरे परिवार की आंखों से आंसू नहीं थम रहे हैं।
अस्पताल में पहुंचे परिजनों ने बताया कि अक्षित पढ़ाई के साथ ही परिवार की जिम्मेदारी संभालने लगा था। पिता की मौत के बाद परिवार खेती और पशुपालन पर निर्भर होकर रह गया था। पिता तस्वीर का एक साल पहले निधन हो गया था। अक्षित ने उसके बाद परिवार की जिम्मेदारियों को निभाना शुरू कर दिया था। वह मां व छोटे भाई अंकित को कहता था कि वह उन्हें किसी तरह की परेशानी नहीं होने देगा, लेकिन समय को कुछ और मंजूर था।
पूरी तैयारी से आए थे हमलावर
परिजनों ने बताया कि हमलावर पूरी तैयारी के साथ आए थे। वह धारदार हथियार व डंडों को बोरे में लपेटकर लाए थे। जिससे किसी को पता न लग सके। जब अक्षित स्कूल से निकला तो अचानक उसे चारों तरफ से घेरकर हमला किया गया। अचानक हुए हमले में वह बुरी तरह से घायल हो गया था।