संवाद न्यूज एजेंसी
सोनीपत। दिवाली के बाद प्रदूषण का स्तर बढ़ने से वातावरण में इसका असर दिखने लगा है। प्रदूषण बेहद खतरनाक स्तर पर पहुंच गया है जिससे लोगों को सांस लेने में परेशानी के साथ आंखों में जलन की समस्या होने लगी है।
जिले में सुबह वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 324 तक पहुंच गया। साथ ही पीएम-10 का स्तर 233 और पीएम 2.5 का स्तर 370 दर्ज किया गया। शाम को हल्की राहत मिली और एक्यूआई 298 दर्ज किया गया। ग्रैप-2 लागू होने के बाद भी कूड़ा जलाने के मामले सामने आ रहे हैं। दिवाली के बाद से बढ़ रहे प्रदूषण के चलते वातावरण में सुबह हल्का स्मॉग छाने लगा है। शनिवार को भी सुबह हल्का स्मॉग का असर दिखाई दिया। ग्रैप-2 लागू होने के बाद भी कूड़े में आग लगाई जा रही है।
वातावरण में हल्का स्मॉग छाने से सांस लेने में दिक्कत व आंखों में जलन हो रही है। प्रदूषण से साथ ही गले में खराश के मरीज भी बढ़ने लगे हैं। इसके साथ ही जिन लोगों को पहले से सांस की बीमारी है, उनके लिए परेशानी ज्यादा है। नागरिक अस्पताल के फिजिशियन डॉ.शैलेंद्र राणा ने हिदायत दी कि मौसम में ठंडा पानी नहीं पीना चाहिए। इससे शरीर के अंदर गए कण ठंडे पानी से जम जाते हैं। आंखों में जलन महसूस होने पर पानी से धोना चाहिए।
हवा की धीमी गति से बढ़ाई समस्या
प्रदूषण की सबसे बड़ी वजह हवा की धीमी गति बताई जा रही है। शनिवार 4 किलोमीटर प्रति घंटा की गति से हवा चली। जिसके कारण वातावरण साफ नहीं हो पा रहा है। विशेषज्ञों के अनुसार जब तक हवाओं की गति तेज नहीं होती, तब तक प्रदूषण की मार लोगों को झेलनी पड़ेगी।
वर्जन
प्रदूषण फैलाने वालों पर लगातार कार्रवाई की जा रही है। इसके लिए छापे डाले जा रहे हैं। अगर कोई आगजनी करते मिला तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।-प्रदीप सिंह, क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण अधिकारी