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मौसम : सप्ताह के अंत में फिर सक्रिय होगा पश्चिमी विक्षोभ, बूंदाबांदी के बनेंगे आसार

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मौसम में लगातार हो रहे परिवर्तन व बारिश और ओलावृष्टि के बाद फसलों पर मंडराया संकट अभी समाप्त नहीं हुआ है। मौसम विभाग के अनुमान के अनुसार दिल्ली-एनसीआर में सप्ताह के अंत में एक बार फिर से पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने की संभावना है, जिससे फिर से बारिश आने की संभावना बनी हुई है।
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जिले में फरवरी के दूसरे सप्ताह के बाद से तापमान में बढ़ोतरी होनी शुरू हो गई थी। दिन का तापमान 25 डिग्री तक पहुंच गया था, जिसके चलते लोगों को ठंड से राहत मिलने लगी थी। हालांकि वीरवार को मौसम का मिजाज एक बार फिर से बदल गया और पश्चिमी विक्षोभ के कारण जिले में औसतन 19 एमएम बरसात हुई। इसके अतिरिक्त गन्नौर और गोहाना क्षेत्र में कई जगहों पर ओलावृष्टि भी हुई थी। जिसकी वजह से किसानों की परेशानी बढ़ गई है। ऐसे में फिर से बरसात की संभावना ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है।
सामान्य से दो डिग्री अधिक दर्ज किया गया न्यूनतम तापमान
रविवार को सुबह के समय आसमान में आंशिक रूप से बादल छाए रहे, जिसकी वजह से न्यूनतम तापमान सामान्य से दो डिग्री अधिक दर्ज हुआ। दिन का न्यूनतम तापमान रविवार को 12 डिग्री दर्ज हुआ। अधिकतम तापमान 24 डिग्री दर्ज हुआ। सोमवार से मौसम साफ हो जाएगा और तापमान में दो से तीन डिग्री की बढ़ोतरी होने की संभावना है। परंतु सप्ताह के अंत में शनिवार को फिर से पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से आसार बने हुए है। जिसकी वजह से तापमान में फिर से दो से तीन डिग्री की गिरावट आ सकती है।
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गेहूं की अगेती फसल व सरसों पर मंडराया संकट
फरवरी माह के अंतिम दिनों में बदले मौसम के मिजाज की वजह से जिले में गेहूं की अगेती किस्म व सरसों की फसल पर खतरा मंडराने लगा है। शुक्रवार को हुई बरसात और ओलावृष्टि की वजह से गोहाना और गन्नौर ब्लॉक में फसलों को नुकसान हुआ है। किसानों ने इस संबंध में कृषि विभाग में शिकायत करनी भी शुरू कर दी है। मौजूदा समय में गेहूं की अगेती फसल में बालियां आनी शुरू हो गई है। अगर बरसात के बाद तेज हवा से फसल जमीन पर गिरती है तो उसमें बनने वाला दाना भी बेहतर नहीं हो सकेगा। जिसका सीधा असर गेहूं के उत्पादन पर पड़ेगा।
वर्तमान में बारिश गेहूं की पछेती किस्मों के लिए तो वरदान साबित होगी, परंतु अगेती फसल में थोड़ा नुकसान हो सकता है। शुक्रवार को हुई ओलावृष्टि और बरसात से फसलों में हुए नुकसान का आंकलन किया जा रहा है। ऐसे में और अधिक बारिश व ओलावृष्टि गेहूं के उत्पादन पर असर डाल सकती है।
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- डॉ. अनिल सहरावत, कृषि उपनिदेशक, सोनीपत।
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