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खेतों में नहीं पहुंच रहा पानी, बर्बाद हो रही है फसल

Mon, 08 Feb 2016 12:06 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, सोनीपत
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गांव कैहल्पा के ग्रामीणों को अपनी गेहूं की फसल की सिंचाई के लिए पर्याप्त नहरी पानी नहीं मिलने से उनकी गेहूं की फसल बर्बाद हो रही है। ग्रामीणों का आरोप है कि अधिकारियों ने मोरी का लेवल ऊंचा कर दिया, जिस कारण इसमें पर्याप्त पानी नहीं निकल रहा है। रविवार को ग्रामीणों ने एकत्रित होकर पानी की मांग के लिए कोर्ट की शरण लेने का निर्णय लिया।
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कृष्ण नरवाल, नरेश सैनी, रमेश, बलराज, राचंद्र, रामकरण, दुलीचंद, मुकेश, दिलबाग गांव कैहल्पा के खेतों से कथूरा माइनर गुजरती है। यह माइनर गांव धनाना के खेतों से गुजर रही काहनौर ब्रांच से निकलती है। इस माइनर पर गांव के खेतों में 18366 नंबर की एक मोरी लगी हुई है। सिंचाई विभाग के अधिकारियों द्वारा इस मोरी का लेवल अधिक ऊंचा कर दिए जाने से इसमें पर्याप्त पानी नहीं निकल रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि माइनर में बृहस्पतिवार और शुक्रवार की रात को आया था और शनिवार तक मोरी में एक बूंद पानी भी नहीं चढ़ा था। रविवार को माइनर में पानी का कुछ स्तर बढ़ने से बहुत कम पानी मोरी से निकलना शुरू हुआ। मोरी से पर्याप्त पानी नहीं निकलने से दूर के खेतों तक तो पहुंच भी नहीं पाता है।

कोर्ट में बूंद-बूंद पानी का लेंगे हिसाब
ग्रामीणों ने कहा कि यह माइनर सिंचाई विभाग के रोहतक मंडल के अंतर्गत आती है। मोरी का लेवल सही करने के लिए वे सिंचाई विभाग के अधिकारियों से कई बार गुहार लगा चुके हैं लेकिन वे सीधे मुंह बात तक नहीं करते हैं। ग्रामीणों ने कहा कि अब वे कोर्ट की शरण में जाकर अपने हिस्से के पानी की एक-एक बूंद पानी का हिसाब तो लेंगे ही साथ में अधिकारियों की पेशी भी लगवाएंगे।
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क्या बोले अधिकारी
जल सेवाएं मंडल रोहतक के एसडीओ सूरजमल मलिक ने बताया कि शनिवार तक माइनर में पानी कम था। अब पानी का स्तर बढ़ गया है। यदि मोरी में पानी न चढ़ने की समस्या है तो उसके सोमवार को चैक करवा दिया जाएगा। अगर वास्तव में मोरी में पानी न चढ़ने की कोई समस्या मिली तो उसे ठीक करा दिया जाएगा।
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