गन्ने की कमी के चलते गोहाना शुगर मिल तीन दिन भी नहीं चल सका। शनिवार को गन्ना न पहुंच पाने के चलते सुबह 11 बजे से शाम पंाच बजे तक मिल को बंद करना पड़ा। हालांकि छह से सात हजार क्विंटल गन्ना आने के बाद मिल दोबारा चालू हो सका, लेकिन गन्ने की कमी के चलते मिल को दोबारा बंद करना पड़ सकता है।
एसडीएम धर्मेंद्र के पास नगर परिषद के साथ-साथ गोहाना शुगर मिल एमडी का भी कार्यभार है। तीन दिन पहले उन्होंने मिल के इस साल के सीजन का शुभारंभ किया। मिल प्रबंधन के मुताबिक मिल की हर रोज 25 हजार क्विंटल गन्ना लेने की क्षमता है। अगर कमी के चलते धीरे-धीरे चलाया जाए तो कम से कम 15 हजार क्विंटल गन्ना जरूर चाहिए।
तीन दिन में अब तक किसान केवल 32 हजार क्विंटल गन्ना ही लेकर पहुंचे हैं। इस कारण मिल प्रबंधन परेशान हैं, क्योंकि बीच में मिल बंद होने से रस खराब होने का खतरा रहता है, दूसरा ईंधन के तौर पर प्रयोग की जाने वाली खोई भी बेवजह नष्ट हो जाती है।
ज्यादा गन्ना लेकर आएं किसान : दहिया
मिल के चीफ इंजीनियर वीरेंद्र दहिया का कहना है कि सुबह गन्ना खत्म हो गया। इसके चलते 11 बजे से शाम पांच बजे तक मिल बंद रहा। अब भी मिल में गन्ने की कमी बनी हुई है। ऐसे में किसान ज्यादा गन्ना लेकर आएं, ताकि मिल को सुचारू रूप से चलाया जा सके। मिल बीच में रोकने से ईंधन की बेवजह खपत होती है और रस खराब होने का खतरा बना रहता है।