-आरोपियों ने लिखा हत्या का बदला ले लिया, यह शुरुआत हुई है, जो जैसा करेगा वैसा भरेगा
-सरपंच प्रत्याशी की ताबड़तोड़ गोली मारकर हत्या के बाद अब सरपंच की भी ताबड़तोड़ गोली मार की हत्या
-चौधर को लेकर पहले भी बहा है जमकर खून
संवाद न्यूज एजेंसी
गोहाना। गांव छिछड़ाना में सरपंच राजेश उर्फ राजू हत्या के बाद सोशल मीडिया पर पोस्ट डालकर हत्या की जिम्मेदारी ली गई है। गांव में 13 माह पहले सरपंच प्रत्याशी दलबीर उर्फ फौजी की गोली मार हत्या हुई थी। अब उसी अंदाज में गोली मारकर सरपंच राजेश उर्फ राजू को मारा गया। सरपंच प्रत्याशी की हत्या के बाद सोशल मीडिया पर पोस्ट डाली गई थी। अब राजेश की हत्या के बाद भी सोशल मीडिया पर पोस्ट डाली गई है।
सरपंच राजेश की सोमवार सुबह हुई हत्या के बाद सोशल मीडिया पर डाली गई पोस्ट में लिखा है कि बदला ले लिया। पोस्ट पर एक साथ दो फोटो लगाई गई। एक फोटो में दलबीर फौजी व युवक है। दूसरी फोटो में दो युवक हथियार आगे रखे हुए हैं। पोस्ट में लिखा गया कि राम राम सारे भाइयों नै, यह तो शुरुआत हुई है। ये जो हमें सेध रहा है उनके आसपास आले और घर आले सभी ने सेधेंगे। देखेंगे कितने बड़े गुंडे हो तुम। भाग लो जहां तक भागा जाए तुम्हारे से। दलबीर फौजी थारी आत्मा ने शांति दे। इसके साथ आडियो भी डाली गई जिसमें बोला गया कि यह तो व्यक्तिगत लड़ाई बन चुकी है। इस लड़ाई ने चलने दो, हम चाहते हैं दुश्मनी बराबर निरंतर चलती रहे, जब तक दोनों तरफ से आदमी मर न जावै तब तक दुश्मनी बनी रहे। जो जैसी करेगा वैसी भरेगा, तीर छोड़ा था हमारी तरफ वापस मोड़ दिया। दोबारा करेंगे फिर मोड़ दूंगा। इससे पहले दलबीर की हत्या के बाद भी सोशल मीडिया पर पोस्ट डाल कर लिखा था बदला ले लिया है भाई का, जब बाबा की-भोलू गैंग।
पहले भी हुई है हत्या
गांव छिछड़ाना में 29 अगस्त 2016 को आशीष की हत्या की गई थी। तब उसके भाई अमित ने आरोप लगाया था कि गांव का राजेश उनके भाई को अपने घर ले गया। वहां पर राजेश, संजय, दलबीर और अन्य ने आशीष की हत्या कर दी। बाद में मामले में दोनों पक्षों में समझौता हो गया था, जिसके बाद आरोपी बरी हो गए। छह साल बाद पंचायत चुनाव में नवंबर 2022 में फिर रंजिश शुरू हो गई। सरपंच का पद सामान्य था। सामान्य वर्ग से राजेश समेत तीन और पिछड़ा वर्ग से दलबीर मैदान में थे। 10 नवंबर 2022 को दलबीर की गोलियां मारकर हत्या कर दी गई थी। उनके बेटे राहुल को भी गोली मारी थी। तब आरोप लगा था कि सरपंच राजेश उर्फ राजू की साजिश पर उनके पिता की हत्या की गई। बाद में पोस्ट डाली तो सामने आया था कि आशीष और भोलू की दोस्ती थी। पंचायत चुनाव में दलबीर की सक्रियता बढ़ने पर वारदात को अंजाम दिया गया था। पुलिस भोलू समेत कई आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है। मामले में सरपंच राजेश की संलिप्तता नहीं मिलने पर पुलिस ने गिरफ्तार नहीं किया गया।
चौधर को लेकर पहले भी बहा है खून
सोनीपत में चौधर की लड़ाई में पहले भी कई लोगों की जान जा चुकी है। छिछड़ाना में राजेश सरपंच से पहले सरपंच प्रत्याशी दलबीर की हत्या हुई। भैंसवाल में सरपंच पद को लेकर शुरू हुई रंजिश में सात लोगों का खून बहाया गया था। करेवड़ी गांव में भी सरपंच पद को लेकर शुरू हुई हिंसा में कई जान चली गई। यहां तक की निवर्तमान सरपंच तक को गोली मारकर मौत के घाट उतार दिया गया था। गांव पांची में पंचायत चुनाव को लेकर सज्जन पाल की वर्ष 2015 में हत्या कर दी गई थी।
महज 100 मीटर दूर है दोनों परिवारों के घर
गांव छिछड़ाना में सरपंच राजेश की हत्या के बाद आरोपी गांव में स्थित घर के बाहर पहुंचे थे। हमलावरों और सरपंच के घर के बीच में महज 100 मीटर की दूरी है। हमलावरों ने वहां जाकर तीन गोली चलाई। जिसमें सरपंच के चचेरे भाई राजू ने उन पर हमला करने का आरोप लगाकर मुकदमा दर्ज कराया है। हमलावरों ने कहा कि बदला ले लिया है, उठा ले आना उसे। इसके बाद हमलावर भाग गए।
तीन बच्चों के सिर से उठा पिता का साया
सरपंच राजेश उर्फ राजू के पास तीन बच्चे है। जिसमें दो बेटे व एक बेटी है। बड़ा बेटा मंजीत छोटा बेटा जतिन है। बेटी की शादी कर रखी है। घटना के बाद परिजनों का रोकर बुरा हाल है।
गांव में भारी पुलिस बल तैनात
सरपंच की हत्या के बाद से गांव में भारी पुलिस को तैनात किया गया है। पुलिस की दो कंपनी लगाई गई है। गांव में हर संदिग्ध पर नजर रखी जा रही है। पुलिस शांति व्यवस्था बनाए रखने को हर संभव पहल कर रही है। पुलिस की टीम लगातार गश्त कर रही है।