फोटो 12: सोनीपत नागरिक अस्पताल में गर्भस्थ बच्चे की मौत के बाद हंगामे के दौरान जानकारी देते परि
सोनीपत। महिला के गर्भस्थ बच्चे की मौत की जानकारी मिलने पर परिजनों से सोमवार को नागरिक अस्पताल के प्रसूति वार्ड के बाहर हंगामा कर दिया। उन्होंने स्टाफ व चिकित्सक पर गर्भवती को पेट दर्द निवारण के लिए इंजेक्शन लगाने में लापरवाही का आरोप लगाया है। उन्होंने मामले की शिकायत अस्पताल प्रशासन व पुलिस को देकर कार्रवाई की मांग की है।
उत्तम नगर निवासी रोहित ने बताया कि वह 3 मई 2024 को अपनी गर्भवती पत्नी प्रतिभा को लेकर पहली बार अस्पताल में आए थे। चिकित्सक के परामर्श अनुसार उस समय पर वह रूटीन में जांच करा रहे थे। उन्होंने बताया कि 6 फरवरी को उनकी पत्नी प्रतिभा को पेट दर्द हुआ था। जिला अस्पताल में चिकित्सक ने गर्भस्थ बच्चे की धड़कन ठीक होने की बात कहकर उन्हें वापस घर भेज दिया था। 8 फरवरी को फिर उनकी पत्नी को पेट दर्द हुआ तो इस बार स्टाफ की तरफ से रक्तचाप की जांच की गई और गर्भस्थ बच्चा सामान्य बताया गया था। परिजनों ने बताया कि वह शनिवार काे प्रतिभा को लेकर अस्पताल पहुंचे तो वहां इंजेक्शन लगाया गया था। उसके बाद चिकित्सक ने सोमवार को ओपीडी में दिखाने कहा था। सोमवार सुबह ओपीडी के दौरान महिला रोग विशेषज्ञ ने अल्ट्रासाउंड कराने के लिए कहा। निजी केंद्र पर अल्ट्रासाउंड कराने के बाद वह रिपोर्ट लेकर दोबारा जिला अस्पताल में पहुंचे तो महिला चिकित्सक ने गर्भस्थ बच्चा मृत होने की बात कही। इस पर परिजनों ने अस्पताल के चिकित्सक व स्टाफ पर लापरवाही के आरोप लगाकर हंगामा कर दिया और अस्पताल प्रशासन व पुलिस को शिकायत देकर कार्रवाई की मांग की है।
नागरिक अस्पताल में गर्भस्थ बच्चे की मौत के मामले में आरोप लगाने का मामला संज्ञान में आया है। विभाग की ओर से संबंधित स्टाफ व चिकित्सक से मामले की जानकारी ली जा रही है। पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जा रही है।
- डाॅ. जयंत आहूजा, सिविल सर्जन