अब कोई भी दुकानदार आसानी से इलेक्ट्रानिक स्टोव और हीटरों का निर्माण औरव उसका स्टोरेज और बिक्री नहीं कर सकेगा। इसके लिए दुकानदार के पास आईएसआई प्रमाण पत्र भी होना चाहिए। यह आदेश जिला मजिस्ट्रेट राजीव रतन ने जारी किए। सर्दी के मौसम में लोग इन इलेक्ट्रानिक हीटर और स्टोव को सीधे बिजली की मुख्य लाइन में लगाकर इन प्रयोग कर रहे हैं। यह मानव जीवन की सुरक्षा के लिए खतरनाक है और सीधे तौर पर बिजली की चोरी भी हो रही है।
ऐसे में बतौर जिला मजिस्ट्रेट भारतीय दंड संहिता 1973 की धारा-144 के तहत प्राप्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए आदेश जारी किए जाते हैं कि बगैर आईएसआई प्रमाण पत्र के किसी भी तरह के इलेक्ट्रानिक हीटर का निर्माण, बिक्री, स्टोरेज पर रोक रहेगी। यह आदेश 18 दिसंबर से 15 फरवरी 2016 तक 60 दिन की अवधि के लिए लागू रहेंगे। अगर कोई भी व्यक्ति बगैर आईएसआई प्रमाण पत्र के इन इलेक्ट्रानिक स्टोव का निर्माण, बिक्री या स्टोरेज करते पाया गया तो उसे इंडियन पैनल कोड की धारा 188 के तहत दंडित भी किया जाएगा। अपने आदेशों में उन्होंने कहा कि पुलिस अधीक्षक सोनीपत व सभी उपमंडल अधिकारी (ना.) अपने-अपने क्षेत्रों में इन आदेशों को सख्ती से लागू करवाएंगे।