खनन एवं भूगर्भ राज्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने सोनीपत में नियमों के विरुद्ध खनन की शिकायत को गंभीरता से लिया है। उन्होंने इसका निपटारा करने के लिए एसडीएम सोनीपत की अध्यक्षता में एक जांच कमेटी गठन करने का निर्देश दिया है। वे बुधवार को जिला परिवाद एवं कष्ट निवारण समिति की मासिक बैठक लेने आए थे। लघु सचिवालय के कांफ्रेंस हॉल में आयोजित इस बैठक में मौके पर 12 में से 9 शिकायतों का निपटारा किया गया। जिस पर परिवादियों ने समस्या के समाधान पर संतुष्टि भी जताई। हालांकि बैठक के दौरान जिले से संबंधित भाजपा नेताओं का भी दर्द फूटकर बाहर आ गया। मीटिंग में गांव गढ़ी बाला और अब्बासपुर के ग्रामीणों ने शिकायत की थी कि गांव अब्बासपुर, बिंदरौली, भोवापुर, नसीरपुर बांगर और हरसाना कलां में कई वर्षों से नियमों को ताक पर रखकर 10 से 30 फुट तक मिट्टी उठाई जा रही है जबकि खनन विभाग द्वारा तीन से चार फुट मिट्टी उठाने का परमिट दिया जाता है। इस शिकायत पर राज्यमंत्री सैनी ने निर्देश दिए कि एसडीएम सोनीपत की अध्यक्षता में जांच कमेटी गठित की जाए। इस कमेटी में डीएसपी, डीआरओ और खनन विभाग का एक निरीक्षक सदस्य होगा और परिवादी को भी इसमें शामिल किया जाएगा।
इससे पहले मंत्री की अध्यक्षता में शिकायतों का यूं हुआ निवारण।
केस नंबर एक : एक बार सिविल कोर्ट में जाए जमीन मालिक
पानीपत के गांव बांध निवासी सतपाल ने मंत्री के सामने शिकायत रखी की कि उसने गोहाना में जमीन ले रखी है। जिसमें किसी एक व्यक्ति ने साझेदारी बताकर कब्जा कर रखा है। इस पर एसडीएम गोहाना ने बताया कि दूसरे पक्षकार ने कोर्ट में केस दायर कर रखा है इसलिए शिकायतकर्ता को भी सिविल कोर्ट में जाना होगा। गिरदावरी सतपाल के नाम है, निशानदेही के कागज भी दे रखे हैं, लेकिन एक बार शिकायतकर्ता को सिविल कोर्ट में जाना होगा। इसके अलावा शिकायतकर्ता को निर्देश दिए गए कि वह इस बारे में पुलिस को शिकायत दे सकता है।
केस नंबर दो: हिंदी में बात रखो, 10 दिन में भूमि ट्रांसफर हो जाएगी
गांव लोहारी टिब्बा निवासी मेजर संदीप भारद्वाज ने भूमि ट्रांसफर को लेकर शिकायत दी। इस दौरान संदीप अंग्रेजी में बात करने लगे, तभी डीसी ने उनको टोकते हुए हिंदी में शिकायत रखने को कहा। जिस पर राज्यमंत्री ने संबंधित अधिकारी को निर्देश दिए गए कि 10 दिन में जमीन ट्रांसफर का काम पूरा किया जाए। प्रगति नगर की एक महिला ने शिकायत दी कि उसकी पुत्रवधू लड़ाई झगड़ा कर अपने मायके चली गई है। उसकी शादी पुत्र के साथ करीब 10 वर्ष पहले हुई थी, उसके एक लड़का 9 वर्ष है। दहेज प्रताड़ना का झूठा केस कराकर ससुराल पक्ष के लोगों को प्रताड़ित किया जा रहा है। इस पर राज्यमंत्री ने एसपी जींद को पुन: जांच करने के निर्देश दिए।
केस नंबर तीन : बस्ती में पहले कैंटर से पानी दो, फिर स्थाई व्यवस्था करो
गांव जसराना निवासी प्यारेलाल ने बताया कि उसके घर तक पेयजल मुहैया नहीं हो पाता। इस पर राज्यमंत्री ने निर्देश दिए कि अनुसूचित जाति की बस्ती में पेयजल की समुचित व्यवस्था की जाए। 10 दिन के अंदर पानी की किल्लत का समाधान किया जाए। तब तक टैंकर से पानी पहुंचाने का प्रबंध किया जाए।
केस नंबर चार : मंत्री जी, उसे खेती का पूरा खर्चा दिलवाओ
गांव जाहरी निवासी राजपाल ने बताया कि गांव के एक व्यक्ति के साथ उसने साझे में ईख की खेती की थी। खेती के बाद उसे मात्र 8600 रुपये दिए गए थे। जबकि उसके हिस्से में एक लाख रुपये आते हैं। राज्यमंत्री ने आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए।
केस नंबर पांच: मौजम नगर में पीने का पीना नहीं, अधिकारी नहीं सुन रहे
गांव मौजमनगर निवासी बलवीर सिंह ने बताया कि गांव में खारा पानी आता है। वह 2013 से शिकायत करता आ रहा है, लेकिन अधिकारी ध्यान नहीं दे रहे। इस पर जनस्वास्थ्य विभाग के कार्यकारी अभियंता ने बताया कि गांव में पेयजल आपूर्ति के लिए नहर के पास ट्यूबवेल लगाया जाएगा और इस कार्य के लिए टेंडर हो चुका है।
केस नंबर छह : नहीं आए प्रदूषण बोर्ड के अधिकारी, मंत्री बोले नोटिस दो
गांव बढ़मलिक निवासी इंद्र सिंह ने अपने एरिया में औद्योगिक इकाइयों से हो रहे प्रदूषण की शिकायत की, लेकिन मीटिंग में क्षेत्रीय अधिकारी प्रदूषण बोर्ड अनुपस्थित रहे। इस पर मंत्री ने अधिकारियों को नोटिस देकर गैरहाजिरी का कारण बताओ नोटिस के लिए कहा।
केस नंबर सात : शिकायत देकर नहीं आया लिवासपुर का राजेश
गांव लिवासपुर के राजेश की एक शिकायत के निपटान के बारे में क्रॉस चैक करने के लिए श्री नायब सिंह सैनी ने उपायुक्त के माध्यम से शिकायतकर्ता को फोन मिलाया और उससे कार्रवाई की संतुष्टि के बारे में जानकारी ली। नगर निगम के कार्यकारी अधिकारी रोहताश बिश्नोई ने बताया कि चाचा-भतीजे का आपसी झगड़ा दूर तक न फैले, इसलिए वह मीटिंग में नहीं आ सका।
मार्केट कमेटी के सचिव को कारण बताओ नोटिस देने का आदेश
भाजपा नेताओं द्वारा खरखौदा से संबंधित शिकायत रखी गई तो मीटिंग के दौरान खरखौदा मार्केट कमेटी के सचिव अनुपस्थित थे। बैठक में न आने की वजह से डीसी राजीव रतन ने राज्यमंत्री के सामने तुरंत एक्शन लेते हुए कारण बताओ नोटिस देने का आदेश दिया।
मंत्री की अधिकारियों को नसीहत : जीरो टॉलरेंस पर रखे फोकस
राज्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने अधिकारियों से कहा कि जनहित के कार्यों में कोताही और ढुलमुल रवैये को सहन नहीं किया जाएगा। प्रधानमंत्री मोदी और मुख्यमंत्री खट्टर ने भ्रष्टाचार में जीरो टालरेंस की बात कही है। अधिकारियों को भी इसी भावना के अनुरूप काम करना होगा।
फिर जागा नगर निगम में घोटाला का जिन्न, मंत्री बोले, पुराने मामलों की कराएंगे जांच
पूर्व सोनीपत नगर परिषद में हुए घोटालों की जांच मामले में राज्यमंत्री ने कहा कि घोटालों की जांच अवश्य होगी। घोटाला करने वाले किसी अफसर को बख्शा नहीं जाएगा। एक प्रश्न के उत्तर में उन्होंने कहा कि कुंडली-मानेसर-पलवल तथा कुंडली-गाजियाबाद-पलवल एक्सप्रेस-वे पर तेजी से काम चल रहा है। मानेसर और पलवल में काम तेजी से चल रहा है। कुंडली की ओर से काम जल्द ही शुरू हो जाएगा।
ये रहे मीटिंग में मौजूद
बैठक में भाजपा प्रदेश प्रवक्ता ललित बत्रा, भाजपा जिलाध्यक्ष डॉ0 धर्मबीर नांदल, मोहन लाल बडौली, हुकम सिंह जोगी के अलावा उपायुक्त राजीव रतन, पुलिस अधीक्षक अभिषेक गर्ग, अतिरिक्त उपायुक्त शिव प्रसाद शर्मा, उपमंडल अधिकारी निशांत यादव, उपमंडल अधिकारी गन्नौर संगीता तेतरवाल, उपमंडल अधिकारी गोहाना धर्मेंद्र सिंह, उपमंडल अधिकारी खरखौदा राजीव अहलावत, नगराधीश सुधांशु गौतम सहित सभी विभागों के अधिकारी मौजूद थे।