सोनीपत। नगर निगम आयुक्त हर्षित कुमार ने बताया कि शहरवासी घरों में शौचालयों का निर्माण भारतीय मानक ब्यूरो (बीआईएस) के निर्धारित मानक आईएस 2470 (भाग-1 और भाग-2) के अनुसार ही करवाएं। यह मानक स्वच्छता एवं स्वास्थ्य सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए तय किए गए हैं। इनका पालन करना प्रत्येक नागरिक के लिए आवश्यक है।
आयुक्त ने बताया कि नगर निगम का उद्देश्य शहर में स्वच्छता व्यवस्था को सुदृढ़ करना और नागरिकों के स्वास्थ्य की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। उन्होंने कहा कि यदि किसी भी घर में शौचालय का निर्माण निर्धारित मानकों के अनुरूप नहीं पाया जाता है तो नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
आईएस 2470 के महत्वपूर्ण बिंदु
भाग-1 (डिजाइन और निर्माण)
-सेप्टिक टैंक घर से दूर होना चाहिए। पानी के स्रोतों (कुआं/बोरवेल) से कम से कम 15-20 मीटर दूर हो।
-इसे कंक्रीट, पत्थर की चिनाई या ईंटों से बनाया जाना चाहिए जो जलरोधी (वाटरप्रूफ) हो।
-टैंक का आकार घर के निवासियों की संख्या पर निर्भर करता है। सामान्यत न्यूनतम गहराई 1 मीटर और न्यूनतम चौड़ाई 0.75 मीटर होनी चाहिए।
-टैंक में दो चैंबर होने चाहिए ताकि ठोस पदार्थ नीचे बैठ सकें और पानी साफ हो सके।
-टैंक से निकलने वाली गैसों के लिए वेंट पाइप लगाना आवश्यक है।
भाग-2 (निपटान)
-सेप्टिक टैंक से निकला पानी सीधे नाली में न बहाकर सोक पिट में जाना चाहिए। यह टैंक के पास ही बनाया जाता है ताकि पानी जमीन में अवशोषित हो सके।
-टैंक के अंदर कीचड़ का उपचार सुनिश्चित करें।
निर्माण के समय सामान्य ध्यान रखने योग्य बातें:-
-टैंक को हमेशा रिसाव-मुक्त बनाएं।
-टैंक के ऊपर मैनहोल बनाएं ताकि सफाई आसानी से हो सके।
-सेप्टिक टैंक की दिशा उत्तर-पश्चिम या पश्चिम-दक्षिण-पश्चिम रखना वास्तु और स्वच्छता के अनुसार अच्छा माना जाता है।
-सेप्टिक टैंक को सीढि़योंं के नीचे बनाने से बचें।