बड़ौली में रेत खनन ठेका रद्द करने पहुंचे जिला खनन अधिकारी अशोक कुमार व अन्य।
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सोनीपत। सरकार का 350 करोड़ रुपये से ज्यादा दबाकर बैठे रेत खनन ठेकेदारों पर काफी खींचतान के बाद कार्रवाई शुरू हो गई है, जहां अभी तक खनन विभाग और प्रशासन ने ठेकेदारों संग मिलकर खेल करते हुए फाइलों को दबाया था। वहीं अमर उजाला के पूरा मामला उजागर करने के बाद खनन मंत्री मूलचंद शर्मा ने इस पर संज्ञान लेते हुए पहले खुद यमुना में छापा मारा और उसके बाद सख्त कार्रवाई के आदेश जारी कर दिए गए, जिससे खनन विभाग ने चंदौली की खान को निलंबित कर दिया है तो तीन खनन के ठेके रद्द कर दिए गए हैं। वहीं ग्यासपुर के अल्टीमेट ग्रुप और टिकौला के आनंद एंड कंपनी पर करोड़ों बकाया होने के कारण जल्द कार्रवाई करने की बात कही जा रही है।
सरकार ने यमुना में खनन करने के लिए वर्ष 2015 में पट्टे आवंटित किए थे, जिसके लगभग एक साल बाद ही जेसीबी और पॉकलैन से खनन करने पर कोर्ट ने रोक लगा दी थी, जिससे कई जगह खनन बंद कर दिया गया और जेसीबी से खनन पर रोक लगाए जाने के बाद कई ठेकेदारों ने हर महीने की पट्टे की किश्त जमा करानी बंद कर दी थी। उस समय प्रशासन ने खनन ठेकेदारों पर शिकंजा कस दिया और खनन को बंद करा दिया गया, लेकिन उस समय खनन ठेकेदारों पर करोड़ों रुपये बकाया रह गया था और वह जमा नहीं करके खान को सरेंडर भी कर दिया गया था। इसके अलावा ऐसे भी ठेकेदार थे, जिन्होंने किश्त 60 लाख होने के बावजूद केवल 10 लाख रुपये महीने सरकार के पास जमा करते रहे और उन पर भी करोड़ों रुपये बकाया है। इस कारण ही जिले के खनन ठेकेदारों पर सरकार का 350 करोड़ से ज्यादा रुपया बकाया है और वे सरकार का इतना रुपया दबाकर बैठे हुए हैं। जिनमें चंदौली और ग्यासपुर के ठेकेदारों पर अफसर ज्यादा ही मेहरबानी दिखाते हुए रुपये जमा कराए बिना ही खुलेआम खनन करा रहे थे। वहीं टिकौला में आनंद एंड कंपनी और बड़ौली में यमुना के अंदर अवैध रूप से खनन किया जा रहा है।
अमर उजाला में ठेकेदारों के सरकार के 350 करोड़ रुपये दबाकर बैठने के साथ ही अवैध रेत खनन किए जाने के मामले को प्रकाशित किया गया तो खनन मंत्री मूलचंद शर्मा ने इसे गंभीरता से लिया था। खनन मंत्री ने 30 नवंबर को खुद यमुना में खान पर छापा मारा था। खनन मंत्री मूलचंद शर्मा ने जिला खनन अधिकारी अशोक कुमार से सरकार के खाते में रुपये जमा नहीं कराने वाले ठेकेदारों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने के आदेश दिए थे, जिसके बाद प्रशासन व खनन विभाग हरकत में आया और ठेकेदारों पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। जिला खनन अधिकारी अशोक कुमार ने बताया कि चंदौली की लेरोन कंसलटेंट को निलंबित कर दिया गया है, जिस पर लगभग 35 करोड़ रुपये बकाया है। वह रुपये जमा कराने के बाद ही खनन कर सकते हैं। वहीं बड़ौली की संगम इंफ्रा, योद्धा माइंस और श्याम जैना का ठेका पूरी तरह से रद्द कर दिया गया है और ये अब खनन नहीं कर सकेंगे। इन पर लगभग 100 करोड़ रुपये बकाया थे और रुपये जमा नहीं करा रहे थे। अब ग्यासपुर के अल्टीमेट ग्रुप, टिकौला के आनंद एंड कंपनी बड़ौली के टेक्नो एक्सपोर्ट कंपनी पर बकाया रुपये जमा नहीं कराने पर जल्द ही कार्रवाई करने की बात कही जा रही है।
एनजीटी की रोक के कारण बंद थी कई खान
एनजीटी ने यमुना बांध के ऊपर से वाहन निकालने पर पूरी तरह से रोक लगाई हुई थी, जिसके बाद से बड़ौली की संगम इंफ्रा खान बंद पड़ी थी। उसकी ओर से रास्ता दिलाने के लिए खनन विभाग में पत्र दिया गया था, लेकिन वहां से रास्ता नहीं दिलाया गया। जिस कारण संगम इंफ्रा ठेकेदार ने खनन विभाग से ठेका रद्द करने पर यह सब कुछ लिखवाकर लिया है। वहीं टिकौला में आनंद एंड कंपनी की ओर से खनन किया जा रहा है और बांध के ऊपर से वाहनों को उतारकर एनजीटी के नियमों अनदेखी की जा रही है।