संवाद न्यूज एजेंसी
सोनीपत। साइबर क्राइम के एक मामले में सत्र न्यायाधीश जगजीत सिंह ने आरोपी जसप्रीत को जमानत पर रिहा करने का फैसला सुनाया है। साथ ही उसे 50 हजार के निजी मुचलके व इतनी ही राशि का जमानती कोर्ट में पेश करने का आदेश दिया है।
शिकायतकर्ता राजीव ने 13 नवंबर 2025 को साइबर थाने में आरोपियों संजय भलसे और पंजाब के मानसा के पिंड बनावाला निवासी जसप्रीत पर आपराधिक साजिश, धोखाधड़ी और जालसाजी का आरोप लगाया था।
शिकायतकर्ता ने बताया था कि आरोपियों ने व्हाट्सएप ग्रुप बनाकर अपनी कंपनी में निवेश करने और मुफ्त शेयर ट्रेडिंग सिखाने का झांसा देकर उनके साथ साढ़े तीन लाख की ठगी की है। इस पर प्राथमिकी दर्ज कर आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया था।
आरोपी के वकील ने तर्क दिया कि जसप्रीत को इस मामले में झूठा फंसाया गया है। वह 23 दिसंबर 2025 से हिरासत में है। मुख्य आरोपी को हाईकोर्ट से जमानत मिल चुकी है जबकि जसप्रीत छात्र है। उसका कॅरिअर प्रभावित हो रहा है। घटना में उसकी कोई सक्रिय भूमिका नहीं थी।
उसने बैंक खाता खोलने में मदद की थी। इसके लिए उसे कोई पैसा नहीं मिला। उसे और अधिक समय तक हिरासत में रखने से कोई उद्देश्य सिद्ध नहीं होगा। सरकारी वकील ने तर्क दिया कि आरोपी ने अपराध में सक्रिय रूप से भाग लिया। खाता खुलवाया और अन्य आरोपियों की मदद की।
दोनों पक्षों को सुनने के बाद अदालत ने पाया कि आरोपी के खिलाफ कोई अन्य आपराधिक मामला लंबित नहीं है। सह आरोपी संजय भलसे को पहले ही जमानत मिल चुकी है। आरोपी पर आरोप यह है कि उसने खाता खुलवाने की एवज में 10,000 रुपये मिले थे।
यह आरोप दर्शाते हैं कि आरोपी की भागीदारी बहुत अधिक सक्रिय नहीं थी। अब वह अपने आचरण पर पछतावा कर रहा है। मुकदमे की समाप्ति में समय लगेगा और आरोपी की जमानत मंजूर कर ली गई।