खरखौदा। गांव सेहरी में हुई मनीषा की मौत के मामले में मायका जौली गांव के लोगों ने थाना पहुंचकर आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग उठाई। पुलिस पर आरोप लगाया गया कि मनीषा की हत्या की गई थी लेकन पुलिस ने उनसे आत्महत्या की शिकायत लिखवा ली। वहीं अब तक उन्हें मनीषा के पोस्टमार्टम की रिपोर्ट तक उपलब्ध नहीं करवाई जा रही है।
तफ्तीश करने के नाम पर उन्हें बहकाया जा रहा है, जबकि अभी तक चार आरोपी गिरफ्त से बाहर हैं। 2 अगस्त को सेहरी गांव में विवाहिता मनीषा की संदिग्ध हालत में मौत हो गई थी। पुलिस ने जौली के रहने वाले दलबीर की शिकायत पर बेटी मनीषा के दहेज प्रताड़ना के चलते आत्महत्या किए जाने का केस दर्ज किया था।
मृतका के पति सहित सास-ससुर व जेठ-जेठानी पर प्रताड़ना के आरोप लगाए गए थे। गुस्साए परिजन की तरफ से पोस्टमार्टम के बाद शव को भी ससुराल नहीं आने दिया था। मायके ले जाकर उसका अंतिम संस्कार किया था।
वीरवार को मनीषा के मायके पक्ष से काफी संख्या में लोग खरखौदा थाने में पहुंचे और पुलिस पर आरोप लगाए। मनीषा के पिता ने कहा कि मेरी बेटी की हत्या की गई है, लेकिन पुलिस ने शिकायत में आत्महत्या लिखवा दिया। अब उन्हें पोस्टमार्टम की रिपोर्ट भी नहीं दी जा रही है। संवाद