- पिता विशाल शर्मा के साथ आक्षी शर्मा की तस्वीर।
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मंजिल उन्हीं को मिलती है जिनके सपनों में जान होती है, पंखों से कुछ नहीं होता हौसलों से उड़ान होती है। इस कहावत को चरितार्थ कर दिखाया है ब्राइट स्कॉलर स्कूल की छात्रा आक्षी शर्मा ने। दो साल पहले सिर से पिता का साया उठने के बाद परिवार पर टूटे दुखों के पहाड़ के बावजूद आक्षी ने बुलंद हौसले से जेईई मेन की परीक्षा में धमाल करते हुए 97.98 पर्सेंटाइल प्राप्त कर स्कूल के साथ ही परिवार का मान बढ़ाया है। बेटी की सफलता पर मां अर्पिता शर्मा फूली नहीं समा रहीं। उन्होंने कहा कि लोग बेटों की लालसा करते हैं, मैं कहती हूं आक्षी जैसी बेटी हर मां को दे।
पार्श्वनाथ सिटी निवासी अर्पिता शर्मा ने बताया कि वह मूलरूप से जींद जिले के सफीदों की रहने वाली हैं। उनकी शादी करनाल निवासी विशाल शर्मा के साथ हुई थी। शादी के कुछ समय बाद वे गुरुग्राम चले गए थे, जहां उन्होंने अपना कारोबार शुरू किया। कुछ साल पहले ही सोनीपत आकर पार्श्वनाथ सिटी में घर खरीदा था।
आक्षी के पिता विशाल शर्मा ने कुंडली में सेनसोनिक्स टेक्नोलॉजिस इंडिया प्राइवेट लिमिटेड नाम से कंपनी शुरू की थी। दो साल पहले अचानक आक्षी के पिता को ब्रेन हैमरेज हुआ। उस समय आक्षी 10वीं कक्षा में थी। घर व बच्चों को संभालने के साथ ही पति की कंपनी भी संभाली। उन्होंने कहा कि बच्चों को लेकर हमेशा चिंता बनी रहती है। हालांकि आक्षी हमेशा सहारा देती है और कहती है, मम्मी चिंता मत करो, मैं हूं ना।
अर्पिता बताती हैं कि आक्षी पढ़ाई में होनहार होने के साथ बेहद समझदार है। देश सेवा के जज्बे को लेकर उसने सेना में जाने का लक्ष्य निर्धारित किया था। इसके लिए उसने एनडीए की परीक्षा क्लियर की, लेकिन वह नहीं गई। अब उसने जेईई मेन क्लियर की है।
8 से 9 घंट पढ़ाई की
अर्पिता शर्मा ने बताया कि आक्षी हर काम दृढ़ निश्चय के साथ करती है। जेईई मेन में सफल होने के लिए उसने कड़ी मेहनत की। कोचिंग लेने के साथ ही उसने प्रतिदिन 8 से 9 घंटे तक पढ़ाई की। विपरीत परिस्थितियों के बावजूद अपनी पढ़ाई पर फोकस रखा। अब एडवांस की तैयार में जुट गई है।
शानदार रहा आक्षी का प्रदर्शन : किरण दलाल
ब्राइट स्कॉलर स्कूल की प्राचार्य किरण दलाल ने बताया कि स्कूल के चार विद्यार्थी जेईई मेन में सफल रहे। आक्षी बहुत होनहार है। हर क्षेत्र में उसका प्रदर्शन शानदार रहा है। जेईई मेन में भी उसने 97.98 पर्सेंटाइल प्राप्त कर स्कूल व परिवार का नाम रोशन किया है। एडवांस में भी बेहतर अंक प्राप्त कर सबका नाम रोशन करेगी।