सोनीपत के ओशोधारा नानक धाम मुरथल से आध्यात्मिक संदेश देते सिद्धार्थऔलिया। स्रोत: प्रवक्ता
सोनीपत। समर्थगुरु सिद्धार्थ औलिया ने ओशोधारा नानक धाम मुरथल से अपना आध्यात्मिक संदेश दिया। उन्होंने कहा कि सनातन धर्म की पुर्नस्थापना के लिए शक्तिशाली एवं समर्थ हिंदू राष्ट्र की स्थापना की जाए। सामुदायिक और सांस्कृतिक एकता को बढ़ाया जाए और नए आध्यात्मिक केंद्रों का विकास किया जाए। उन्होंने सनातन धर्म की पांच पहचान बताई।
समर्थगुरु ने कहा कि ओंकार को जानकर उसका जाप करें और ब्रह्म को सर्वव्यापी जाने। मनसा, वाचा और कर्मणा से किसी को चोट न पहुंचाएं। प्रतिदिन आरती हर घर में हो और आत्मरक्षा के लिए अस्त्र रखा जाए। वहीं 6 जनवरी को औलिया दिवस पर सूफी दरबार आयोजित किया जाएगा। इसी दिन परमगुरु सूफी बाबा शाह कलंद गिरिडीह वाले ने समर्थगुरु को औलिया की उपाधि से नवाजा था।