सोनीपत। अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश (फास्ट ट्रैक कोर्ट) डीआर चालिया की अदालत ने घर के बाहर खेल रही चार वर्षीय बच्ची को बिस्कुट देने के बहाने अपने कमरे में ले जाकर उसके साथ दुष्कर्म करने के आरोपी को दोषी करार दिया है। अदालत ने दोषी को 20 साल कैद व 20 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। जुर्माना न देने पर दो साल अतिरिक्त कैद की सजा भुगतनी होगी।
मूलरूप से यूपी फिलहाल राई थाना क्षेत्र के गांव में किराए पर रहने वाले व्यक्ति ने 14 जनवरी 2019 को पुलिस को बताया था कि उसकी चार साल की बेटी रात करीब आठ बजे कमरे के सामने खेल रही थी। इसी दौरान उनके पड़ोस में किराए पर रहने वाला मूलरूप से यूपी के जिला फतेहपुर के गांव टेकसरी खुर्द का रहने वाला जय सिंह (35) उसकी बच्ची को बिस्कुट देने के बहाने अपने कमरे में ले गया था। आरोपी ने अपने कमरे पर ले जाने के बाद बच्ची से दुष्कर्म कर दिया था। वहां से रोते हुए बच्ची जब घर पहुंची थी तो परिजनों ने चुप कराने का प्रयास किया था। इसी बीच फैक्टरी से लौटे बच्ची के मां-बाप ने बच्ची की हालत देखकर उससे पूछा तो उसने आरोपी के कमरे की तरफ इशारा कर दिया था। इस पर जब परिजन वहां पर पहुंचे तो वह वहां से फरार हो गया था। परिजनों ने मामले की सूचना राई थाना पुलिस को दी थी। सूचना के बाद पहुंची पुलिस ने बच्ची को लेकर उसका सामान्य अस्पताल में मेडिकल कराया था। पुलिस ने मामले में भादंसं की धारा 376एबी के तहत मुकदमा दर्ज किया था। बाद में 15 जनवरी, 2019 को बच्ची की मां के कोर्ट में बयान दर्ज कराए गए थे। पुलिस ने मामले में कार्रवाई करते हुए आरोपी जय सिंह को गिरफ्तार कर लिया था। पुलिस ने उसे अदालत में पेश कर जेल भेज दिया था।
मामले में सुनवाई करते हुए बुधवार को एएसजे (फास्ट ट्रैक कोर्ट) डीआर चालिया की अदालत ने जय सिंह को दोषी करार दिया है। अदालत ने दोषी को 20 साल कैद व 10 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। जुर्माना न देने पर दो साल अतिरिक्त कैद की सजा भुगतनी होगी।
अक्सर दोषी के कमरे पर खेलने जाती थी बच्ची
बच्ची के परिजनों ने बताया था कि अक्सर बच्ची जयसिंह के कमरे पर खेलने चली जाती थी। वह उसे खाने का सामान भी देता था। उन्हें कभी उस पर शक नहीं हुआ कि वह उनकी बच्ची से गलत काम भी कर सकता है।