राई। उत्तर प्रदेश के जिला फिरोजाबाद से एक माह पहले गांव गडौरा से दो भाई संजय और अंकुश अपने परिवार के साथ भविष्य के नए सपने बुनने के लिए कुंडली आए थे। यहां पर उन्होंने प्याऊ मनियारी में नया आशियाना बसाया था और मेहनत मजदूरी करते थे। परिवार खुशी से चलाने लगे थे कि एक हादसे ने पूरा परिवार ही उजाड़ दिया। दोनों सगे भाई हादसे में परिवार से सदा के लिए बिछड़ गए। परिवार के सदस्यों का रोकर बुरा हाल था।
गांव गडौरा निवासी सुनील ने बताया कि वह तीन भाई थे। वह सबसे बड़े और उनके बाद संजय और अंकुश थे। माता-पिता के देहांत के बाद तीनों भाई अपने परिवारों का पालन-पोषण मेहनत से कर रहे थे। एक माह पहले संजय और अंकुश अच्छे भविष्य के लिए हरियाणा के सोनीपत आ गए थे। संजय के साथ उनकी पत्नी सरता, बेटा आदित्य (6) व अनुराग (2) थे तो अंकुश के साथ उनकी गर्भवती पत्नी अंजली थी। अचानक एक हादसे ने पूरे परिवार को तोडकऱ रख दिया है। सेप्टिक टैंक में सफाई को गए संजय व अंकुश सदा के लिए उनसे अलग हो गए।
संजय की पत्नी के आंखों से नहीं रुक रही थी अश्रुधारा
हादसे में जान गंवाने संजय की पत्नी सरता की आंखों से अश्रुधारा रुकने का नाम नहीं ले रही थी। परिवार के सदस्य व अन्य रिश्तेदार उन्हें ढांढस बंधाने में लगे थे। उसके बावजूद वह लगातार रो रही थी। बच्चों के भविष्य को लेकर चिंता जता रही थी।
अंजली बोली औलाद का चेहरा नहीं देख सके पति
हादसे में जान गंवाने वाले अंकुश की पत्नी अंजली चार माह की गर्भवती है। उनके पास अभी कोई बच्चा नहीं है। उनकी जुबान से यही निकला कि पति औलाद का चेहरा भी नहीं देख सके। बच्चे को लेकर उनके पति ने कई सपने संजोए थे। उसके जन्म से पहले ही वह सदा के लिए उन्हें छोड़ गए।
पहले भी जा चुकी सेप्टिक टैंक में जान
-खरखौदा क्षेत्र में सितंबर, 2022 में ट्रैक्टर चालक की लापरवाही से सेप्टिक टैंक में दो युवकों की जान गई थी।
-कुंडली में अप्रैल, 2017 में सेप्टिक टैंक के अंदर गए तीन मजदूरों की गैस के प्रभाव में आने से मौत हो गई थी।