संवाद न्यूज एजेंसी
गोहाना। खेतों में पराली जलाने से रोकने के लिए कृषि एवं किसान कल्याण विभाग विशेष जागरूकता अभियान चलाएगा। इसके लिए कृषि अधिकारियों ने अभी से तैयारियां शुरू कर दी हैं। विभाग के अधिकारी व कर्मचारी उन गांवों में किसान सभाएं कर फसल अवशेष जलाने के नुकसान बताएंगे, जिन गांवों में बीते वर्ष फसल अवशेष जलाने की घटनाएं अधिक हुई थीं।
एसडीओ राजेंद्र मेहरा ने कहा कि क्षेत्र में धान की रोपाई का कार्य चला है। धान की कटाई का कार्य नवंबर में शुरू होता है। फसल अवशेष प्रबंधन के प्रबंध नहीं होने के चलते बड़ी संख्या में किसान धान के अवशेषों में आग लगा देते हैं। इससे पर्यावरण को नुकसान होता है। किसानों को फसल अवशेष जलाने से रोकने के लिए विभाग अभी से अलर्ट हो गया है। विभाग के कर्मचारी गांवों में जाकर किसानों को फसल अवशेष प्रबंधन के तरीके समझाएंगे। इसके साथ ही किसानों को फसल अवशेष जलाने से होने वाले नुकसान के बारे में भी बताएंगे, ताकि किसान धान की कटाई के बाद पराली ना जलाएं। संवाद