हड़ताल कर धरने पर बैठे रहे एनएचएम कर्मी, स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित
अमर उजाला ब्यूरो
सोनीपत। एनएचएम कर्मचारियों संग एंबुलेंस चालक भी मांगों को लेकर वीरवार को तीसरे दिन भी हड़ताल पर रहे। अस्पताल में एंबुलेंस कंट्रोल रूम पर ताला लटका रहा तो एंबुलेंस भी खड़ी रही। वीरवार को बारिश में भी हड़ताल के दौरान 152 कर्मचारी अस्पताल परिसर में धरने पर डटे रहे। इस दौरान कर्मचारियों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। वहीं एनएचएम कर्मचारियों के धरने को रोडवेज व बिजली निगम की यूनियनों के नेताओं ने भी समर्थन दिया।
जिले के 152 एनएचएम कर्मचारी वीरवार को हड़ताल पर रहे, जिनमें सरकारी एंबुलेंस कर्मी भी शामिल रहे। सभी कर्मचारियों ने वीरवार को बारिश के दौरान अस्पताल परिसर में धरना जारी रखा। एनएचएम कर्मचारी संघ के प्रधान देवेंद्र डागर ने कहा कि कर्मचारी सरकार से नियमित करने, वार्षिक अनुबंध बंद करने, बकाया एरियर व सातवें वेतन आयोग का लाभ देने की मांग कर रहे हैं। लेकिन सरकार कर्मचारियों की मांगों पर कोई ध्यान नहीं दे रही है। धरने पर रोडवेज यूनियन के नेता रणबीर मलिक व बिजली निगम से कर्मचारी नेता प्रतीक शर्मा ने समर्थन दिया। उन्होंने कहा कि सरकार कर्मचारियों को आंदोलन करने के लिए मजबूर कर रही है। कर्मचारियों की मांगों को मानने के लिए सिर्फ आश्वासन ही दे रही है। उनकी मांगों को लागू नहीं किया जा रहा। आने वाले चुनाव में कर्मचारी सरकार को इसका जवाब देंगे। इस दौरान अमन दहिया, जितेंद्र, डॉ. कविराज, वकील, संदीप दहिया, संदीप कुमार, प्रदीप, दिनेश, कप्तान राणा, रवि पन्नू, राजेश, डॉ. चक्रवर्ती, हरीश, सुनीता आदि मौजूद रहे।
सड़क हादसे में घायलों को प्राइवेट एंबुलेंस से रोहतक पहुंचाया
रोहट नहर के पास सड़क हादसे में ऑटो में सवार दो युवक गंभीर रूप से घायल हो गए। गांव कंवाली निवासी सोनू ऑटो को चला रहा था। उसमें रोहट निवासी ज्ञानेंद्र भी सवार था। सोनीपत की तरफ आते वक्त नहर के पास एक टैंपो ने टक्कर मार दी। हादसे में सोनू व ज्ञानेंद्र घायल हो गए। वाहन चालकों ने दोनों घायलों को नागरिक अस्पताल में भर्ती कराया। जहां प्राथमिक उपचार के बाद दोनों को पीजीआई रोहतक रेफर कर दिया। इसके बाद दोनों घायलों को प्राइवेट एंबुलेंस से पीजीआई रोहतक में ले जाया गया। फिलहाल सदर थाना पुलिस जांच में जुटी है।