टीडीआई बिल्डर पर एक सप्ताह में जांच कर केस दर्ज करने के दिए आदेश
अमर उजाला ब्यूरो
सोनीपत। टीडीआई बिल्डर पर धोखाधड़ी का आरोप लगाकर वहां रहने वाले लोगों ने मंत्री के सामने खूब हंगामा किया। लोगों ने बिल्डर पर नक्शा बदलने व एरिया बढ़ाकर दस-दस लाख रुपये धोखे से लेने का आरोप लगाया। इसके अलावा वहां बिजली, पानी समेत अन्य कोई सुविधा बेहतर तरीके से नहीं देने का आरोप लगाया। लोगों ने पुलिस व प्रशासन पर भी टीडीआई बिल्डर के दबाव में काम करने का आरोप लगाया और शिकायत पर कार्रवाई नहीं किए जाने की बात कही। जिसपर मंत्री कृष्णलाल पंवार सख्त दिखाई दिए और इस मामले में एक जांच कमेटी बनाकर सप्ताह भर में रिपोर्ट तैयार करने के आदेश दिए। इस जांच के आधार पर बिल्डर पर मुकदमा दर्ज कराने के आदेश भी दिए गए।
टीडीआई में रहने वाले सुशील सिंह, मोहिनी सिंह, किरण कुमार टगौर, ओम प्रकाश, संजय दुग्गल, रमेश कुमार गर्ग, आशीष बाल्याण, नारायण कुकरेजा, डीके पाठक आदि ने मंत्री कृष्णलाल पंवार को बताया कि वहां लगभग 12 हजार लोग रहते हैं। टीडीआई बिल्डर ने फ्लैट बेचते समय नक्शे में क्लब, मेन गेट, बाउंड्री सबकुछ दिखाई थी तो वहां बिजली, पानी समेत सभी सुविधाएं बेहतर तरीके से देने का वादा किया था। इस आधार पर सभी फ्लैट धारकों ने 90 प्रतिशत पेमेंट पहले जमा करा दी और जब पजेशन लेटर दिया गया तो उनकी लगभग 2 लाख रुपये की राशि बाकी थी। लेकिन टीडीआई बिल्डर ने बिना बताए फ्लैट का एरिया बढ़ा दिया और उसे 900 स्कवायर फुट से 1138 स्कवायर फुट कर दिया गया। जिसके बदले उनसे 10 लाख रुपये जबरन ले लिए गए, क्योंकि उन्होंने अपने पुराने रुपये वापस मांगे तो वह वापस देने से इंकार कर दिया गया। वहीं उस समय नक्शे में दिखाया गया क्लब भी अब दोबारा से अफसरों से मिलीभगत करके नक्शा बदलवाकर गायब कर दिया, जबकि उसकी मेंबरशिप के नाम पर 2013 से 75 हजार रुपये लिए हुए हैं। इसके अलावा बिजली का बिल भी ज्यादा लेने के साथ ही पानी व अन्य सुविधाएं नहीं देने का आरोप लगाया गया। इस तरह का मामला आने पर मंत्री ने टीडीआई बिल्डर पर सख्ती बरतने के आदेश दिए और इसमें शुगर मिल एमडी सुशील कुमार के साथ कई अन्य अधिकारियों को जांच के लिए लगाया गया। मंत्री ने साफ आदेश दिए कि एक सप्ताह में जांच पूरी करके बिल्डर के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया जाए।