अंकित चौहान/रविंद्र कौशिक
सोनीपत।
कहते हैं जिसका कोई नहीं होता, उसका भगवान होता है। कुछ ऐसा ही देखने को मिला बाल ग्राम राई में रह रहे चार बच्चों के साथ। जिन बच्चों को अपनों ने बेसहारा कर दिया, अब उनकी परवरिश स्पेन और इंग्लैंड में होगी। वहां का परिवार बच्चों को कानूनी तौर पर गोद लेकर अपना रहा है। पहली बार ऐसा हुआ है कि बाल ग्राम राई के चार बच्चों को स्पेन, इंग्लैंड, कनाड़ा, इटली के रहने वाले परिवारों ने गोद लिया है। इनमें से स्पेन जाने वाले बच्चे का वीजा भी तैयार हो गया है तो अन्य तीन के विदेश जाने के लिए कागजात पूरे करने की प्रक्रिया चल रही है। यह चारों बच्चे पानीपत, पलवल व करनाल में बेसहारा मिले थे जो अब विदेशी जिंदगी जीने के साथ ही वहां की पढ़ाई भी करेंगे।
पानीपत में तीन साल पहले एक बच्चा बेसहारा हालत में मिला था, जिसे बाल ग्राम राई में भेजा गया। उसके परिवार वालों का पता लगाने की हर संभव कोशिश की गई, लेकिन उनका कुछ पता नहीं लग सका। इस समय उस बच्चे की उम्र सात साल हो चुकी है और अब उसकी किस्मत चमक गई है। उस बच्चे को स्पेन के एक परिवार ने गोद लिया है। बच्चे को लेकर जाने के लिए वीजा भी तैयार हो गया है, जिससे बच्चा जल्द ही स्पेन में पहुंच जाएगा और वहां रहकर ही पढ़ाई कर सकेगा। इस तरह ही पानीपत में डेढ़ साल पहले एक बच्ची बेसहारा मिली तो उसे बाल ग्राम राई में भेज दिया गया। इस बच्ची की उम्र अब साढ़े तीन साल है, जिसे कनाड़ा के परिवार ने गोद लिया है। बाल ग्राम में रहने वाले ढ़ाई साल के बच्चे को इटली के परिवार ने गोद लिया है जो लगभग एक साल पहले पलवल में बेसहारा मिला था। ऐसे ही बेसहारा हालत में एक बच्ची करनाल में मिली थी। वह बच्ची तीन साल पहले मिली थी, जिसर्कउम्र इस समय छह साल है। उस बच्ची को इंग्लैंड के परिवार ने गोद लिया है। एक बच्चा जल्द ही स्पेन चला जाएगा तो अन्य तीन के विदेश में जाने के कागज पूरे करने की प्रक्रिया चल रही है।
गोद लेने वाले परिवार के आधार पर मिलेगी नागरिकता
इन चार बच्चों को जिन विदेशी परिवारों ने गोद लिया है, उनके आधार पर ही सभी को वहां की नागरिकता मिल जाएगी। यहां से लेकर जाने के लिए पहले दो साल का इन सभी बच्चों का वीजा बनवाया जा रहा है। इस बीच ही गोदनामे के आधार पर उनकी वहां की नागरिकता के लिए आवेदन कर दिया जाएगा और इन सभी बच्चों को वहां की नागरिकता मिल जाएगी। इन सभी बच्चों को गोद लेने वाले परिवारों ने वहां पढ़ाने सश्े लेकर अन्य सभी सुविधाएं देने की बात भी गोदनामा में लिखी है। इस तरह इन सभी बच्चों को शिक्षा भी विदेशी मिलेगी और यह विदेशी बन जाएंगे।
बाल ग्राम के दो बच्चों व दो बच्चियों को विदेशी परिवारों ने गोद लिया है। इनमें से स्पेन जाने वाले एक बच्चे का वीजा भी बन चुका है तो कनाड़ा, इटली व इंग्लैंड जाने वाले बच्चों के वीजा की प्रक्रिया पूरी हो गई है। यह सभी बच्चे जल्द ही विदेशों में चले जाएंगे, जहां गोद लेने वाले परिवार इनकी पढ़ाई भी कराएंगे तो अन्य सभी सुविधाएं मिलेगी।
- अनीता सिंह, को-ऑर्डिनेटर, बाल ग्राम राई