सोनीपत।
उत्तर भारत की सबसे पुरानी हिंदू शिक्षण संस्था में चौधर की जंग शुरू हो गई है। इस बार चुनावी रंग थोड़ा बदला हुआ दिख रहा है, क्योंकि ऐसा पहली बार हुआ है कि वर्तमान प्रबंधन समिति के प्रधान को अपने ही सचिव से टक्कर मिल रही हो। यह जंग केवल सचिव तक ही नहीं थम रही है, बल्कि वर्तमान कोषाध्यक्ष व उपाध्यक्ष भी प्रधान पैनल के विरोध में अन्य पदों पर चुनावी मैदान में उतरे हैं। इस तरह हिंदू शिक्षण संस्था में चौधर की टक्कर कांटेदार दिख रही है, क्योंकि नामांकन की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है और कुर्सी पर काबिज होने के लिए हर कोई ज्यादा से ज्यादा सदस्यों की वोट अपने पक्ष में करने के लिए जुट गया है।
सोनीपत की हिंदू शिक्षण संस्था 103 साल पुरानी है जो उत्तर भारत की सबसे पुरानी शिक्षण संस्था है, जिसके 17 शिक्षण संस्थान चलते है। इस कारण ही शिक्षण संस्था में चौधर को लेकर तगड़ी जंग होती है। इस बार फिर से चुनावी जंग शुरू हो चुकी है और प्रधान से लेकर कोषाध्यक्ष की कुर्सी पर काबिज होने के लिए सभी ने नामांकन कर दिया है। प्रधान के लिए तीन नामांकन आए है, जिनमें वर्तमान प्रधान अरुण अग्रवाल, वर्तमान में सचिव पवन कुमार गुप्ता के अलावा एमपी गर्ग शामिल हैं। इस बार यह चुनाव काफी कड़ा होने के साथ ही रोमांचक हो गया है, क्योंकि पिछले चुनाव में प्रधान अरुण अग्रवाल व सचिव पवन कुमार गुप्ता साथ थे, लेकिन इस बार दोनों आमने-सामने खड़े हो गए हैं। पिछले चुनाव में अरुण अग्रवाल के साथ रहने वाले वर्तमान में कोषाध्यक्ष जयंकवार जैन व उपाध्यक्ष रेखा गर्ग भी उनकी खिलाफत में खड़े हो गए हैं। इस बार जयकंवार जैन ने पवन कुमार गुप्ता पैनल के साथ मिलकर सचिव के लिए किस्मत आजमाई है तो उपाध्यक्ष के लिए रेखा गर्ग के पति अशोक गर्ग भी पवन गुप्ता पैनल के साथ जुड़े हैं। पवन गुप्ता पैनल से कोषाध्यक्ष के लिए अनुज मित्तल मैदान में उतरे हैं, वहीं अरुण अग्रवाल के पैनल से उपाध्यक्ष के लिए एडवोकेट सुरेश कुमार बंसल, सचिव के लिए विनय कंसल व कोषाध्यक्ष के लिए हरिप्रकाश मंगला मैदान में उतरे हैं। इस तरह चुनाव में कांटे की टक्कर होती दिख रही है और इसके लिए चुनाव 30 जुलाई को होगा। उस दिन साफ हो जाएगा कि हिंदू शिक्षण संस्था की प्रधानी का ताज किसके सिर पर सजा है।
10 राज्यों के 824 सदस्य करेंगे वोट
हिंदू शिक्षण संस्था के सदस्य केवल हरियाणा तक सीमित नहीं है, बल्कि हरियाणा के साथ दिल्ली, यूपी, बंगाल, बिहार, उड़ीसा, महाराष्ट्र, पंजाब आदि दस प्रदेशों में संस्था के सदस्य हैं। इनमें सोनीपत में 350 तो दिल्ली में 300 सदस्य हैं। अन्य सदस्य दूसरे राज्यों में मौजूद हैं, जहां से वोट डालने के लिए वह चुनाव में शामिल होंगे। उन सभी को चुनाव के बारे में अवगत कराया गया है।
संस्था के फायदे को नहीं बनने दिया निर्विरोध प्रधान : पवन गुप्ता
हिंदू शिक्षण संस्था के चुनाव में प्रधान पद के उम्मीदवार पवन कुमार गुप्ता कहते हैं कि किसी भी चुनाव में काफी पैसा खर्च होता है और उस पैसे को बचाकर संस्था में अच्छा काम कराने में लगाया जाना चाहिए। इसके लिए ही संस्था के पूर्व प्रधान श्रीभगवान ने प्रस्ताव रखा था कि चुनाव कराने की जगह पदाधिकारी निर्विरोध चुने जाए तो वह संस्था के लिए बेहतर रहेगा। इसके लिए वर्तमान में सचिव पवन गुप्ता का नाम रख दिया, लेकिन प्रधान की कुर्सी के लालच में वर्तमान प्रधान अरुण अग्रवाल विरोध में खड़े हो गए। हम हमेशा संस्था की बेहतरी के लिए काम करना चाहते हैं और उसको खोखला होने से बचाने के लिए ही चुनाव में उतरे हैं।
मैंने हमेशा संस्था के लिए अच्छा काम किया: अरुण अग्रवाल
हिंदू शिक्षण संस्था के वर्तमान प्रधान अरुण अग्रवाल कहते हैं कि उन्होंने हमेशा संस्था की बेहतरी के लिए काम किया है और उनको दोबारा मौका मिलता है तो वह आगे भी ऐसा ही काम करते रहेंगे। कहा कि पहले संस्था से जुड़े 168 परिवारों के सदस्यों को संस्था का सदस्य बनाया जो संस्था की बेहतरी में सहयोग कर रहे हैं। इसके अलावा संस्था में नए शिक्षण संस्थान खोलने की तैयारी है। यह सभी काम कराने के बाद भी दूसरों के बहकावे में आकर कुछ लोग विरोध में खड़े हो गए है, क्योंकि उनको कुर्सी का लालच दिखाया गया।
103 साल पुरानी हिंदू शिक्षण संस्था में चौधर की जंग
पहले सभी रहे साथ, अब प्रधान को अपने ही सचिव से टक्कर
हिंदू शिक्षण संस्था के चुनाव में प्रधान की खिलाफत में आए सचिव, कोषाध्यक्ष, उपाध्यक्ष
संस्था के चुनाव में नामांकन प्रक्रिया पूरी, 30 जुलाई को प्रधान चुनने के लिए होगा मतदान
हरियाणा, दिल्ली, यूपी, बंगाल, बिहार, उड़ीसा, महाराष्ट्र, पंजाब के 824 सदस्य चुनेंगे प्रधान