सोनीपत शहर में निरीक्षण के दौरान सफाई कर्मचारियों का हाजिरी रजिस्टर चेक करते संयुक्त आयुक्त सुभ
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शहर की स्वच्छता रैंकिंग गिरने के बाद निगम पार्षदों ने स्वच्छता की पोल खोली तो निगम के अधिकारी वीरवार सुबह फील्ड में उतरे। शहर की सफाई व्यवस्था देखने के लिए संयुक्त आयुक्त सुभाष चंद्र ने कई स्थानों का निरीक्षण किया। इस दौरान सफाई व्यवस्था में चल रहा गड़बड़झाला सामने आ गया। निरीक्षण के दौरान 65 ठेकाकर्मी व निगम के 20 सरकारी कर्मचारी गैरहाजिर मिले। संयुक्त आयुक्त ने उन सभी कर्मचारियों का वेतन काटने के निर्देश दिए हैं।
स्वच्छता रैंकिंग में सोनीपत के देश में 235वें स्थान पर पहुंचने के बाद निगम अधिकारियों ने बुधवार को सफाई कंपनी के प्रतिनिधियों को तलब किया था। अधिकारियों के बुलाने के बावजूद एक एजेंसी का कोई प्रतिनिधि बैठक में नहीं पहुंचा था। पार्षदों ने सफाई के मुद्दे पर खूब हंगामा भी किया था। इस पर संयुक्त आयुक्त के नेतृत्व में निगम की टीम कर्मचारियों की स्थिति जानने के लिए फील्ड में उतरी। इस दौरान एक एजेंसी के कर्मचारियों में से 65 फील्ड में ही नहीं मिले। इतना ही नहीं नगर निगम के 20 पक्के कर्मचारी भी नदारद मिले।
इन स्थानों पर कम मिले कर्मचारी
शहर के लाइन पार, पांचों सेक्टरों व निगम में शामिल गांवों की सफाई का ठेका निजी कंपनी के पास है। निरीक्षण के दौरान यहां एजेंसी की तरफ से बताए गए कर्मियों में से 25 नदारद मिले, जबकि शहर के पांचों सेक्टरों में कंपनी की तरफ से 180 कर्मचारी हायर किए गए हैं। इनमें से 20 कर्मचारी फील्ड में नहीं मिले। ऐसे में ही निगम में शामिल गांवों में तैनात 131 में भी 20 कर्मचारी कम मिले हैं, जबकि वार्ड नंबर 1 से 6 में तैनात 20 सरकारी कर्मचारी गैरहाजिर मिले।
वर्जन
स्वच्छता रैंकिंग में पिछड़ने के बाद अब लापरवाह कर्मियों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा। वीरवार सुबह शहर में निरीक्षण के दौरान 85 सफाईकर्मी गैरहाजिर मिले। इस संबंध में सफाई निरीक्षक को गैरहाजिर मिले कर्मियों का एक दिन का वेतन काटने के लिए कहा गया है।
- सुभाष चंद्र, संयुक्त आयुक्त, नगर निगम सोनीपत